‘DM साहब फोन नहीं उठाते’... बैठक में नहीं पहुंचे अफसर तो सांसदों ने खोल दिया मोर्चा

ऋचा शर्मा

• 01:01 PM • 19 Aug 2026

मधुबनी में दिशा समिति की बैठक में DM आनंद शर्मा, SP योगेंद्र कुमार समेत कई बड़े अधिकारी नहीं पहुंचे. घंटों इंतजार के बाद नाराज सांसद और विधायकों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया. सांसद रामप्रीत मंडल ने DM की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की.

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मधुबनी में विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए बुलाई गई दिशा समिति की बैठक उस वक्त विवाद में बदल गई, जब जिले के बड़े अधिकारी ही बैठक में नहीं पहुंचे. तय समय पर सांसद, विधायक और दूसरे जनप्रतिनिधि बैठक स्थल पर पहुंच गए, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी जिलाधिकारी (DM) आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक (SP) योगेंद्र कुमार समेत कई अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे. आखिरकार नाराज जनप्रतिनिधियों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया.

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बैठक झंझारपुर के सांसद और दिशा समिति के अध्यक्ष रामप्रीत मंडल की अध्यक्षता में होनी थी. इसका मकसद केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जिले में प्रगति की समीक्षा करना था. लेकिन अधिकारियों की गैरमौजूदगी के चलते बैठक शुरू ही नहीं हो सकी.

घंटों इंतजार के बाद फूटा जनप्रतिनिधियों का गुस्सा

जनप्रतिनिधि निर्धारित समय पर बैठक में पहुंच चुके थे. इसके बावजूद DM, SP और कई विभागों के अधिकारी बैठक से नदारद रहे. कुछ विभागों के इंजीनियर भी बैठक में नहीं पहुंचे. काफी देर तक इंतजार करने के बाद सांसद और विधायक नाराज हो गए और उन्होंने बैठक का बहिष्कार करने का फैसला लिया. बैठक के बाद सभी जनप्रतिनिधि परिसदन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए.

'DM साहब फोन तक नहीं उठाते'

दिशा समिति के अध्यक्ष रामप्रीत मंडल ने DM आनंद शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि DM जनप्रतिनिधियों के फोन तक नहीं उठाते हैं. सांसद का आरोप है कि जब जनप्रतिनिधि DM से मिलने जाते हैं, तो उनका मोबाइल फोन भी बाहर रखवा दिया जाता है.

रामप्रीत मंडल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर DM और SP को बैठक में शामिल नहीं होना था, तो इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी. बिना किसी सूचना के बैठक में नहीं पहुंचना जनप्रतिनिधियों के प्रति सम्मान की कमी को दिखाता है.

विकास योजनाओं की समीक्षा ही नहीं हो सकी

दिशा समिति की बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इसमें जिले में चल रही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की समीक्षा की जाती है. सांसद और विधायक अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति का हिसाब लेते हैं और ये भी जानने की कोशिश करते हैं कि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं. लेकिन मधुबनी में बड़े अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण योजनाओं पर कोई चर्चा नहीं हो सकी. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल के बिना विकास योजनाओं की प्रभावी निगरानी मुश्किल है.

मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग

रामप्रीत मंडल ने कहा कि पूरे मामले को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और इसे मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा. उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. सांसद ने ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार के मंत्री को भी पत्र लिखने की बात कही. उन्होंने कहा कि जब तक वर्तमान DM मधुबनी में पद पर रहेंगे, तब तक वह किसी भी बैठक में शामिल नहीं होंगे. साथ ही उन्होंने अधिकारियों के रवैये की जांच कराने की मांग भी की.

अशोक यादव समेत कई जनप्रतिनिधि नाराज

मधुबनी के सांसद डॉ. अशोक कुमार यादव ने भी अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान होना चाहिए और विकास कार्यों में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए. बैठक के बहिष्कार के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद रामप्रीत मंडल, सांसद डॉ. अशोक कुमार यादव, विधायक सुधांशु शेखर, विधायक सुजीत पासवान, MLC घनश्याम ठाकुर समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

सभी ने सरकार से मामले में जिम्मेदारी तय करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि भविष्य में दिशा समिति जैसी महत्वपूर्ण बैठकों में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए.

क्या है दिशा समिति?

दिशा यानी जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति. यह समिति जिले में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की निगरानी और समीक्षा के लिए बनाई जाती है. इसमें सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होते हैं, जबकि संबंधित विभागों के अधिकारी योजनाओं की प्रगति और समस्याओं की जानकारी देते हैं. ऐसे में मधुबनी में दिशा समिति की बैठक में DM, SP समेत कई बड़े अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने पूरे मामले को राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद में बदल दिया है.

DM आनंद शर्मा कौन हैं?

आनंद शर्मा मधुबनी के जिलाधिकारी (DM) हैं. बतौर जिलाधिकारी उनके जिम्मे जिले के प्रशासनिक कामकाज, विकास योजनाओं की निगरानी और विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं. दिशा समिति की बैठक में उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए हैं और सरकार से मामले में कार्रवाई की मांग की है.