सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर मनीष कश्यप एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार उन्होंने सीधे केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. मामला देश में तेजी से इस्तेमाल हो रहे E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल) से जुड़ा हुआ है. मनीष कश्यप ने आरोप लगाया है कि एथेनॉल मिक्स पेट्रोल की वजह से देश में गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है और इंजन खराब हो रहे हैं लेकिन सरकार इस सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रही है.
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एथेनॉल मिक्स पेट्रोल से कम हो रहा है गाड़ियों का एवरेज
वीडियो रिपोर्ट में मनीष कश्यप ने दावा किया कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के कारण देश की गाड़ियों का एवरेज (माइलेज) काफी गिर गया है. उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि जब सरकार ने E20 पेट्रोल लॉन्च किया था, तब देश की जनता को यह क्यों नहीं बताया गया कि इससे गाड़ियों का माइलेज 6% तक कम हो जाएगा?
कश्यप ने सोशल मीडिया का हवाला देते हुए कहा कि यूट्यूब और ट्विटर पर ऐसे लाखों वीडियो मौजूद हैं जहां लोग रियल कंडीशन (वास्तविक स्थिति) में 15 से 20% और कुछ मामलों में तो 30% तक माइलेज कम होने की बात कह रहे हैं. उन्होंने गणित समझाते हुए कहा कि पहले E10 (10% एथेनॉल) चलता था, अब E20 करने से सिर्फ 4% के फायदे के लिए देश की तमाम गाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
तहसीन पूनावाला के चैलेंज और दिल्ली पुलिस के फोन का जिक्र
मनीष कश्यप ने राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला का समर्थन करते हुए कहा कि पूनावाला ने नितिन गडकरी के उस चैलेंज को स्वीकार किया था जिसमें गडकरी ने एथेनॉल से खराब हुई गाड़ियां दिखाने को कहा था. कश्यप के अनुसार, तहसीन पूनावाला बकायदा मीडिया के सामने ऐसी गाड़ियां लाने वाले थे जिनमें एथेनॉल के कारण खराबी आई है, लेकिन तभी उन्हें दिल्ली पुलिस का फोन आ गया कि वे गाड़ियां नहीं ले जा सकते. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस सच्चाई को सामने आने से रोकना चाहती है.
बिहारी को दबाना आसान नहीं, मैं फौजी परिवार से हूं
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर सीधा हमला बोलते हुए मनीष कश्यप ने कहा, "एक बिहारी को दबाने का प्रयास करना आसान है, और नितिन गडकरी जी आप यही कर रहे हैं" . उन्होंने भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा कि वे उस बिहार से आते हैं जहां के लोग पहाड़ तोड़ देते हैं और गलवान घाटी में बिहार रेजिमेंट के जवानों ने चीनी सैनिकों के सामने एक इंच भी जमीन पीछे नहीं छोड़ी थी. कश्यप ने कहा, "मैं फौजी परिवार से हूं जितना डराना है डराइए, लेकिन गाड़ियों में समस्या है और इसे सरकार को जल्द से जल्द स्वीकार कर लेना चाहिए".
मनीष कश्यप ने हाथ जोड़कर सरकार से विनती की कि गाड़ियों के खराब होने और एवरेज कम होने की बात को गंभीरता से लिया जाए. उन्होंने साफ किया कि उनके इन सवालों को सरकार अपनी आलोचना न समझे, क्योंकि देश आजाद है और जनता को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है.
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