यूट्यूब और सोशल मीडिया पर अपनी प्रखर बयानबाजी के लिए मशहूर मनीष कश्यप ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर तीखा हमला बोला है. मनीष कश्यप ने स्टालिन की हार को न्याय बताते हुए कहा कि जिस तरह रावण का अहंकार उसके साम्राज्य के विनाश का कारण बना, ठीक उसी तरह स्टालिन का साम्राज्य भी उनके अहंकार और निर्दोषों पर किए गए अत्याचार की वजह से ढह गया है. कश्यप ने भावुक होते हुए अपनी जेल यात्रा और उन संघर्षों को याद किया जो उन्होंने तमिलनाडु में NSA के तहत बिताए थे.
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स्टालिन की हार को बताया ईश्वरीय न्याय
मनीष कश्यप ने वीडियो में सीधे तौर पर एमके स्टालिन को संबोधित करते हुए कहा कि आज उनका किला पूरी तरह ध्वस्त हो गया है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु चुनाव के दौरान सभी एग्जिट पोल और सर्वे डीएमके की जीत का दावा कर रहे थे, लेकिन जनता ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया. कश्यप ने दावा किया कि उन्होंने दिल्ली के एक न्यूज़ चैनल पर पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि 2026 में डीएमके की सरकार साफ हो जाएगी, जो अब सच साबित हुई है. उनका मानना है कि यह उन पर किए गए अत्याचारों का फल है जो स्टालिन सरकार को भुगतना पड़ा है.
एनएसए और जेल की रातों का दर्द किया साझा
अपनी जेल यात्रा को याद करते हुए मनीष कश्यप काफी भावुक नजर आए. उन्होंने बताया कि साल 2023 में तमिलनाडु सरकार ने उन पर रात के 11:54 बजे NSA (नेशनल सिक्योरिटी एक्ट) लगाया था. मनीष ने मदुरई सेंट्रल जेल के उस सेल का जिक्र किया जिसका निर्माण 1865 में हुआ था. उन्होंने बताया कि उस कोठरी में वह डर के साए में जिए और खुद से सवाल करते थे कि उनका गुनाह क्या है. उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव के कहने पर एक रिटायर्ड बिहारी पुलिस अधिकारी ने स्टालिन सरकार को उन पर एनएसए लगाने का सुझाव दिया था, ताकि उन्हें लंबे समय तक जेल में रखा जा सके.
तेजस्वी यादव और बिहार सरकार पर भी साधा निशाना
मनीष कश्यप ने न केवल तमिलनाडु सरकार बल्कि बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भी हमला बोला. उन्होंने याद दिलाया कि जेल जाने से पहले उन्होंने चुनौती दी थी कि 180 दिनों के भीतर बिहार की सरकार गिर जाएगी और ऐसा ही हुआ. कश्यप ने आरोप लगाया कि उन्हें फंसाने के पीछे आरजेडी और तमिलनाडु सरकार की मिलीभगत थी. उन्होंने कहा कि भले ही वह खुद चुनाव हार गए हों, लेकिन उन्हें इस बात का सुकून है कि जिन्होंने उन पर अत्याचार किया, उन्हें जनता ने सबक सिखा दिया है.
आर्थिक तंगी और परिवार का संघर्ष
वीडियो में मनीष कश्यप ने अपने व्यक्तिगत जीवन के नुकसान पर भी बात की. उन्होंने बताया कि 2023 से पहले उनकी वित्तीय स्थिति बहुत अच्छी थी, लेकिन जेल और कानूनी लड़ाई ने उन्हें आर्थिक रूप से तोड़ दिया. उन्होंने अपनी कमाई का सारा हिस्सा वकीलों की फीस में खर्च कर दिया. यहां तक कि उनके पिता, जो सेना में हैं, उन्होंने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी और फंड का पैसा उन्हें जेल से बाहर निकालने के लिए खर्च कर दिया. कश्यप ने रुआंसे होते हुए कहा कि उनकी माँ सड़कों पर रोती रहीं, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की.
नई सरकार और राजनेताओं को चेतावनी
अंत में मनीष कश्यप ने तमिलनाडु की नई सरकार (विजय की सरकार) से अपील की कि वे किसी निर्दोष पर इस तरह का अत्याचार न करें. उन्होंने देश के सभी राजनेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता के अहंकार में कभी किसी की आवाज को दबाने की कोशिश न करें. उन्होंने कहा कि आज भी वह उस डर में जीते हैं कि सरकार को उनकी कोई बात बुरी न लग जाए, लेकिन वह बिहार के लिए अपनी आवाज उठाना जारी रखेंगे. कश्यप ने भावुक होते हुए कहा कि भगवान ने आज उनकी सुन ली है और उन्हें न्याय मिल गया है.
यहां देखें वीडियो
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