बिहार में राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. आरजेडी उम्मीदवार एडी सिंह की हार के बीच कांग्रेस के तीन विधायकों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. इनमें सबसे प्रमुख नाम मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद का है, जो वोटिंग के दौरान अनुपस्थित रहे. आखिर कौन हैं मनोहर प्रसाद और उन्होंने वोट क्यों नहीं दिया? आइए जानते हैं.
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कौन हैं मनोहर प्रसाद?
मनोहर प्रसाद कटिहार की मनिहारी विधानसभा सीट से चौथी बार विधायक चुने गए हैं. राजनीति में आने से पहले वे एक आईपीएस (IPS) अधिकारी थे. रिटायरमेंट के बाद साल 2005 में वे जेडीयू (JDU) से जुड़े और 2010 में जेडीयू के टिकट पर चुनाव जीते. हालांकि, 2015 के महागठबंधन के दौरान यह सीट कांग्रेस के खाते में चली गई, जिसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हो गए और तब से लगातार कांग्रेस के सिंबल पर जीतते आ रहे हैं.
वोट न देने पर क्या दिया तर्क?
वोटिंग से गायब रहने पर मनोहर प्रसाद ने एक बड़ा वैचारिक तर्क दिया है. उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का चयन महागठबंधन के सिद्धांतों के खिलाफ था. उनके मुख्य बिंदु इस प्रकार थे:
उम्मीदवार का चयन: उनका मानना है कि महागठबंधन की राजनीति पिछड़ों, दलितों (SC/ST) और अल्पसंख्यकों के हक की बात करती है, लेकिन उम्मीदवार (एडी सिंह) इनमें से किसी भी श्रेणी से नहीं थे.
सिद्धांतों का पालन: उन्होंने कहा, 'जिस सिद्धांत से हम लोग चल रहे हैं, उसका पालन नहीं हुआ, इसलिए हमने वोट नहीं दिया.'
क्रॉस वोटिंग से बचाव: उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पटना में ही थे, लेकिन अगर वे वोट डालते और किसी और को देते तो वह 'क्रॉस वोटिंग' कहलाती. इसलिए उन्होंने चुनाव से दूर रहना ही बेहतर समझा.
नीतीश कुमार से 'नजदीकी' की चर्चा
सियासी गलियारों में यह चर्चा आम है कि मनोहर प्रसाद कांग्रेस पार्टी से ज्यादा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विश्वसनीय माने जाते हैं. जब उन्हें कांग्रेस का सिंबल मिला था, तब भी यह दावा किया गया था कि इसमें नीतीश कुमार की मर्जी शामिल थी. अब राज्यसभा चुनाव में उनकी अनुपस्थिति को इसी 'नजदीकी' से जोड़कर देखा जा रहा है.
एडी सिंह की हार और कांग्रेस का संकट
मनोहर प्रसाद और अन्य दो विधायकों की वजह से आरजेडी के एडी सिंह को हार का सामना करना पड़ा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या कांग्रेस पार्टी अपनी आंतरिक राजनीति और गुटबाजी से जूझ रही है? मनोहर प्रसाद का यह कदम महागठबंधन की भविष्य की एकजुटता पर भी बड़े सवाल खड़ा करता है.
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