राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं देने वाले कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास का चौंकाने वाला दावा- प्रदेश अध्यक्ष ने कहा था..., सियासी हलचल बढ़ी

Congress MLA Statement: कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं देने को लेकर बड़ा खुलासा किया है. कांग्रेस विधायक का दावा है कि प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने विधायकों को स्वतंत्र निर्णय लेने की छूट दी थी. अब इस बयान के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है, जबकि राजेश राम बीजेपी पर विधायकों की चोरी का आरोप लगा रहे है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.

Congress MLA Statement
कांग्रेस विधायक ने बताई वोट नहीं देने के पीछे की पूरी कहानी

सैय्यद अलमदार हुसैन रिजवी

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पहले विधानसभा चुनाव में करारी हार और फिर अपनों की गैर मौजूदगी की वजह से राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन का सुपड़ा साफ हो गया है. बीते दिन राज्य की 5 सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव में NDA ने महागठबंधन को क्लीन स्वीप कर दिया है, जिसके बाद सियासी गलियारों में इस हार की चर्चाएं तेज हो गई. इसी हलचल के बीच अब वोट नहीं देने पहुंचे कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने एक चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने कहा है कि प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने हमें स्वतंत्र कर दिया था और कहा था कि आप लोग खुद निर्णय लीजिए. इसके अलावा कांग्रेस विधायक ने एडी सिंह को लेकर भी अपनी राय रखी है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.

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कांग्रेस विधायक मनोज का बड़ा दावा

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कांग्रेस विधायक ने कई बातें कही है. जब उनसे पूछा गया कि आपके कल वोट नहीं देने की वजह क्या थी? तो उन्होंने कहा कि, हमारे प्रदेश अध्यक्ष जो हमारे गार्डियन(अभिभावक) है, उन्हें इस चुनाव में कहीं शामिल नहीं किया गया था. और हमारे प्रदेश अध्यक्ष ने साफ कहा था कि, आप लोग स्वतंत्र है...आप लोग को जो निर्णय लेना है, ले सकते हैं. 

एडी सिंह को लेकर कही ये बातें

विधायक मनोज विश्वास ने आगे कहा कि, महागठबंधन की ओर से जो प्रत्याशी खड़ा किया गया था वो हम लोग को पसंद नहीं था. पहले हिना शहाब को लेकर चर्चा हो रही थी लेकिन अचानक एक दिन पहले अमरेंद्र धारी सिंह का नाम आता है. इसे लेकर हमारे दल के नेता से कई बार बात हुई और उन्होंने कहा कि आप लोग जो बोलेंगे हम मानने को तैयार है. विधायक ने आगे कहा है कि, हम लोग जिनके वोट से विधायक बनकर आते है, वैसे ही लोग का उम्मीद था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ, हमें प्रत्याशी पसंद नहीं आया और हमने वोट नहीं दिया.

'हमारे नेता को सम्मान नहीं तो वोट नहीं'  

जब कांग्रेस विधायक से कार्रवाई की बात को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, प्रदेश अध्यक्ष हमारे अभिभावक है और उनका जो आदेश होगा वह सर्वोपरि होगा, मान्य होगा. हालांकि उन्होंने आगे यह भी कहा कि, हम गठबंधन में चुनाव लड़ रहे है और हमारे नेता को कोई सम्मान और तरजीह नहीं दी जा रही है. तो जब हमारे नेता का सम्मान नहीं होगा तो वोट नहीं देंगे.

राजेश राम ने बीजेपी पर साधा था निशाना

वहीं बीते कल मतगणना के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ने विधायकों की गैर मौजूदगी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा था. उन्होंने साफ कहा कि, बीजेपी ने हमारे विधायकों को चोरी कर लिया है. हमारे 3 विधायकों का फोन 13 मार्च से ही संपर्क क्षेत्र से बाहर आने लगा था. उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि, बीजेपी पहले चुनाव में चोरी करती है और फिर चुने हुए प्रतिनिधि को चोरी कर लेती है.

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