पहले प्यार में जीने-मरने की बातें सामने आती थी, जहां प्रेमी-प्रेमिका एक-दूसरे के साथ रहने के लिए ऐसी कसमें खाते थे. लेकिन आज के वक्त में ये कहानी जरा उलटी हो गई है और प्रेमी-प्रेमिका जीने-मरने के बजाय मारने पर आ गए है. कुछ ऐसी ही कहानी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी से सामने आई है, जहां पुलिस ने डबल मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा किया है. यहां प्यार में पागल शिल्पी ने अपने प्रेमी नीतीश कुमार को पाने के लिए ना तो रिश्ता देखा ना ही सीमा, बस प्रेमी के साथ रहने के लिए हर वो कदम उठाया जो उसे सही लगा. लेकिन अब मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है, जिसके बाद इलाके में यह चर्चा का विषय बन गया है. आइए सिलसिलेवार तरीके से जानते है मामले की पूरी कहानी.
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क्या है पूरा मामला
यह मामला मोतिहारी के चिरैया थाना क्षेत्र के हीरापट्टी गांव से सामना आया है. 20 मार्च को गांव से एक पांच साल की बच्ची अंशिका अचानक से गायब हो गई. परिजनों ने पहले उसे ढूंढा और नहीं मिलने पर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई. फिर 22 मार्च को गांव में उस समय सनसनी फैल गई जब 5 साल की अंशिका की लाश खेत में मिला. परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे. अंशिका की गला रेत कर हत्या की गई थी और पुलिस पर इस केस को सुलझाने का दबाव बढ़ने लगा.
इसी बीच एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ जिसने मामले को नई दिशा मिली. डीएसपी उदय शंकर ने बताया कि टेक्निकल एविडेंस, इंटरनेट डेटा शेयरिंग और वायरल ऑडियो क्लिप ने इस केस को सुलझाया और मुख्य आरोपी शिल्पी(20) को गिरफ्तार किया. पुलिस के सख्ती के सामने वह टूट गई और फिर पूरी कहानी का खुलासा हुआ.
प्रेमी के लिए शिल्पी बन गई हैवान
पुलिस पूछताछ में शिल्पी ने बताया की वह गांव के रहने वाले नीतीश कुमार से साल 2024 से प्यार करती थी. जैसे-जैसे दिन बीतता गया दोनों का प्यार और गहरा हुआ और इस दौरान दोनों के बीच अतरंगी संबंध भी बने. लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी नीतीश के दादा जी को हुई तो उन्होंने इसका विरोध किया. इसी को लेकर नीतीश और उसके दादा जी के बीच पहले विवाद और फिर मारपीट हुई.
तब शिल्पी ने अपने प्यार के बीच में रोड़ा बन रहे दादा को बीच रास्ते से हटाने का फैसला लिया और पूरा प्लान तैयार किया. प्लान के मुताबिक एक दिन वह नीतीश के घर पहुंची और सोते समय दादा जी को आग लगा दिया, जिससे वे जिंदा जलकर मर गए. शिल्पी ने इसे हत्या को दुर्घटना बनाने के लिए कई और जगह आग लगा दिया ताकि यह हादसा लगे.
नफरत की आग ने ले ली मासूम की जान
शिल्पी को दादा जी को मारने के बाद भी शांति नहीं मिली और उसे शक होने लगा की अंशिका की मां रागिनी कुमारी नीतीश को उसके खिलाफ बोलती, भड़काती और उसकी शिकायत करती है. इसी कारण शिल्पी के अंदर नफरत की आग धधकने लगी और फिर उसने अंशिका को मारने का फैसला लिया. 20 मार्च को शिल्पी ने अंशिका को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया. फिर उसने अंशिका से अपनी मां के खिलाफ कुछ बातें बुलवाई और उसे रिकॉर्ड कर लिया.
जैसे ही यह सब हो गया वह अंशिका को लेकर घर के पीछे चली गई. वहां उसने पहले से चाकू रख रखा था, उसी से अंशिका का गला रेत दिया. फिर खून से लथपथ लाश को एक बाल्टी में रखकर घर के छज्जे पर छिपा दिया.
पुलिस के डर से शव को फेंका बाहर
शिल्पी ने पुलिस से पूछताछ में बताया कि, अंशिका की गुमशुदगी के बाद लोग उसे हर जगह ढूंढने लगे. इसी दौरान पुलिस की हलचल भी बढ़ी तो उसे फंसने का डर लगा. इसलिए उसने सुबह-अंधेरे के वक्त में शव को ले जाकर खेत में फेंक दिया ताकि पकड़ी ना जाएं. लेकिन उसका यह खेल ज्यादा देर तक नहीं चल पाया.
शिल्पी तक कैसे पहुंची शक की सुई?
अंशिका के हत्या के बाद ऑडियो वायरल हुआ तो पुलिस को मामले में कुछ ज्यादा ही संदिग्ध लगा. पुलिस ने जिस नंबर से ऑडियो वायरल हुआ उसकी पड़ताल की. पुलिस को पड़ताल में पता चला कि जिस नंबर से ऑडियो वायरल हुआ है उसे चलाने के लिए दूसरे मोबाइल से डेटा लिया गया. यहीं से पुलिस की जांच का एंगल अमर राय के घर की ओर मुड़ा और उन्होंने शिल्पी को पूछताछ के लिए बुलाया. यहीं पुलिस की सख्ती की आगे वह टूट गई और उसने मामले की पूरी पोल खोल दी.
पुलिस को घटना स्थल से बरामद हुई ये चीजें
इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई थी. इस टीम को एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देशन में चलाया जा रहा था, समें सिकरहना डीएसपी उदय शंकर, चिरैया थानाध्यक्ष महेश कुमार, सब इंस्पेक्टर खगेशनाथ झा सब इंस्पेक्टर उत्तम कुमार, सब इंस्पेक्टर मधुकर कुमार, सब इंस्पेक्टर कोमल कुमारी और तकनीकी शाखा के अधिकारी शामिल थे. इन्होंने मिलकर वैज्ञानिक पद्धति से इस 'ब्लाइंड मर्डर' का खुलासा किया. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल दो चाकू, खून से सने कपड़े और मोबाइल बरामद कर लिए हैं.
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