बिहार के बेगूसराय में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख और 'सन ऑफ मल्लाह' मुकेश सहनी ने बेगूसराय में गैंगरेप पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात की. इस दौरान सहनी ने बिहार सरकार, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन की घोर लापरवाही पर कड़ा आक्रोश जताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह 'भगवान भरोसे' चल रही है.
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पुलिस प्रशासन की लापरवाही से हुई इतनी बड़ी वारदात
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि इस पूरे मामले में शुरुआत से ही पुलिस प्रशासन की भारी लापरवाही सामने आई है. उन्होंने कहा, "जब पहली बार घटना हुई थी, अगर उसी समय पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्ती से पेश आती, तो आज इतनी बड़ी वारदात दोबारा नहीं होती. पुलिस की ढिलाई के कारण ही अपराधियों के हौसले बुलंद हुए और उन्होंने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया." हालांकि सहनी ने माना कि कुछ लापरवाह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है, लेकिन उन्होंने मांग की कि इन पर ऐसी कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी ऐसी घटनाओं को हल्के में न ले.
स्वास्थ्य विभाग पर भड़के सहनी
मुकेश सहनी ने अस्पताल में पीड़िता के इलाज के दौरान हो रही लापरवाही पर भी तीखे सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि पीड़िता को तीन-तीन बार अस्पताल में एडमिट कराया जा चुका है, लेकिन उसे सही उपचार नहीं मिल रहा है. सहनी ने कहा, "आज अस्पताल प्रशासन को पहले से जानकारी थी कि मैं यहां आने वाला हूं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कोई भी बड़ा पदाधिकारी मौके पर उपस्थित नहीं था. यह साफ दर्शाता है कि बिहार का स्वास्थ्य विभाग 'भगवान भरोसे' है."
सहनी ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि तुरंत 5 डॉक्टरों की एक विशेष कमेटी (मेडिकल बोर्ड) बनाकर पीड़िता का सही से इलाज कराया जाए. उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा, "यदि आप सरकारी अस्पताल में सही से इलाज नहीं कर सकते, तो पीड़ित परिवार को हमारे हवाले कर दीजिए. हम अपने खर्च पर प्राइवेट अस्पताल में उसका बेहतर से बेहतर इलाज करवाएंगे और उसकी जान बचाएंगे." सहनी ने कहा कि वे इस संबंध में तुरंत बेगूसराय के जिला अधिकारी (DM) से भी बात करेंगे.
बिहार में फेक एनकाउंटर और कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
बातचीत के दौरान मुकेश सहनी ने बिहार में हाल ही में हुए एनकाउंटर्स पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए एनकाउंटर का सहारा ले रही है और राज्य में कई फर्जी एनकाउंटर (Fake Encounters) हो रहे हैं. सहनी ने सवाल उठाया, "जब मीडिया में दिख रहा है कि अपराधी ने अपनी पिस्टल फेंक दी और खुद को सरेंडर कर दिया, तो फिर उसे गोली कैसे लगी? उसकी हत्या कैसे हुई? इसके पीछे कौन है और किसने आदेश दिया? सरकार को इसका जवाब देना होगा."
सहनी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में जाति देखकर टारगेट किया जा रहा है और विशेष रूप से एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने जनता से अपने अधिकारों के लिए जागने और लड़ने की अपील की.
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