Lalan Singh कर रहे थे शराबबंदी की तारीफ, महिला ने बीच सभा में खोल दी पोल, बोली- गांव में आज भी बिकती है शराब

ऋचा शर्मा

• 06:37 PM • 04 Oct 2026

मुंगेर में ललन सिंह के सामने महिला ने गांव में शराब बनने और बिकने की शिकायत की. ललन सिंह ने थानेदार को भट्ठी तोड़ने का निर्देश दिया. इसी दौरान काफिले के रास्ते में नशे में घायल युवक मिला, जिसने 100 रुपये में देसी शराब खरीदने का दावा किया.

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मुंगेर में शराबबंदी को लेकर केंद्रीय मंत्री और मुंगेर सांसद ललन सिंह के सामने ही ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने बिहार में शराबबंदी की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए. ललन सिंह हवेली खड़गपुर प्रखंड के बरुई गांव में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. यहां उन्होंने शराबबंदी के फायदे गिनाते हुए इसे महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जोड़कर बताया.

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ललन सिंह ने कहा कि 2005 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब महिलाओं से संवाद कर रहे थे, तब एक महिला ने बिहार में शराबबंदी की मांग की थी. इसके बाद 2016 में बिहार में शराबबंदी लागू की गई. उन्होंने कहा कि शराब की वजह से घरों में महिलाओं और बच्चों को हिंसा का सामना करना पड़ता था और शराबबंदी का उद्देश्य ऐसे अत्याचार को रोकना था.

महिला ने जनसभा में ही उठाया सवाल

ललन सिंह जब शराबबंदी के फायदे बता रहे थे, तभी जनसभा में मौजूद बड़ी गांव की अनीता देवी खड़ी हो गईं. उन्होंने माइक लेकर दावा किया कि उनके गांव में आज भी शराब बनती और बिकती है. महिला के मुताबिक शाम होते ही कुछ लोग शराब पीकर हंगामा और गाली-गलौज करते हैं.

महिला की शिकायत के बाद ललन सिंह ने मंच से ही हवेली खड़गपुर के थानेदार को कार्रवाई का निर्देश दिया. उन्होंने शराब बनने की जगह की जांच कर भट्ठी को ध्वस्त करने को कहा.

काफिले के रास्ते में नशे में घायल मिला युवक

शराबबंदी की जमीनी तस्वीर यहीं नहीं रुकी. ललन सिंह का काफिला जब प्रसन्नडो गांव से निकलकर बैजलपुर गांव की ओर जा रहा था, उसी दौरान सड़क पर एक युवक नशे की हालत में लड़खड़ाता हुआ दिखाई दिया. युवक के सिर पर चोट लगी थी और खून बह रहा था.

पत्रकारों ने युवक से बातचीत की तो उसने अपना नाम बबलू कुमार बताया और खुद को गोवड्डा गांव का रहने वाला बताया. बबलू ने दावा किया कि उसने बैजलपुर चौक पर 100 रुपये में देसी शराब का पौवा खरीदा था. नशे की हालत में युवक ठीक से चल भी नहीं पा रहा था. उसके सिर से खून निकल रहा था, लेकिन वह इस हालत में भी शराब पीने की बात कह रहा था.

एक ही दौरे में सामने आईं दो तस्वीरें

मुंगेर में ललन सिंह के दौरे के दौरान सामने आई इन दोनों घटनाओं ने शराबबंदी को लेकर जमीनी स्तर पर निगरानी और कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं. एक तरफ जनसभा में महिला ने खुले तौर पर गांव में शराब बनने और बिकने की शिकायत की, तो दूसरी तरफ काफिले के रास्ते में एक युवक ने 100 रुपये में देसी शराब मिलने का दावा किया.

ललन सिंह ने महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थानेदार को कार्रवाई का निर्देश दिया है. अब देखना होगा कि शिकायत वाले इलाके में पुलिस की कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है और अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर किस तरह रोक लगती है.