मुजफ्फरपुर के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू सिंह को जमानत मिलने के बाद समर्थकों के जश्न के दौरान में बवाल हो गया. पुलिस के मुताबिक, राजेपुर ओपी क्षेत्र के फुलवरिया चौक पर समर्थक नारेबाजी और आतिशबाजी कर रहे थे. सूचना मिलने पर गश्ती कर रही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आतिशबाजी रोकने को कहा. आरोप है कि इसके बाद समर्थकों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया.
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विधायक समर्थकों पर बड़ा आरोप
पुलिस का कहना है कि उपद्रवियों ने पुलिस वाहन पर बम फेंका, महिला पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट और छेड़खानी की तथा चालक समेत अन्य पुलिसकर्मियों की पिटाई की. एक जवान का गमछे से गला दबाने का भी प्रयास किए जाने का आरोप भी लगाया गया है. इस हमले में एक ASI, एक सिपाही और वाहन चालक घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही सरैया की ASP अभिजीत कौर मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने मामले में छह नामजद और दस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है.
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
मंगलवार को FSL की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और आतिशबाजी व कथित हमले से जुड़े साक्ष्य जुटाए. स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रहकर जांच में जुटी है. मामले की सूचना वरीय पुलिस अधीक्षक को दी गई, जिसके बाद छह नामजद और दस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी शुरू की गई. कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस मामले की आगे की जांच और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
क्या है पूरा मामला
बता दें कि बिहार की साहेबगंज विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डॉ. राजू कुमार सिंह को दिल्ली उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने उन्हें जमानत प्रदान करते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई चार वर्ष की सजा को फिलहाल स्थगित कर दिया है. दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने वर्ष 2018 के जश्न के दौरान हुई हर्ष फायरिंग मामले में राजू सिंह को दोषी ठहराया था. राउज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें चार साल की कैद और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी..फिलहाल इस मामले में विधायक को राहत तो मिल गई है लेकिन अब नया विवाद इससे जुड़ गया है.
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