सोशल मीडिया पर आए दिन आपको बिहार से कुछ ना कुछ वायरल वीडियो देखने को मिल ही जाते होंगे. इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां प्रखंड से एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसने सरकारी व्यवस्था की जमकर धज्जियां उड़ा दी है. दरअसल यहां आयोजित एक सहयोग शिविर में दिव्यांग को बैटरी से चलने वाली ट्राईसाइकिल दी गई, अधिकारियों ने तस्वीरें भी खिंचवाई लेकिन वह कुछ ही देर में बंद हो गई और साथ ही चेक करने पर पता चला कि यह पंचर भी है. फिर दिव्यांग ने वहां मौजूद अधिकारियों से इसकी शिकायत की तो किसी ने सुध ही नहीं ली, तब एक युवक ने मोटरसाइकिल में गमछा बांधकर ट्राईसाइकिल को दिव्यांग के घर तक पहुंचाया. विस्तार से जानिए मामले की पूरी कहानी.
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ट्राईसाइकिल देखकर हुई खुशी, लेकिन ज्यादा देर टिकी नहीं
यह पूरा मामला बोचहां प्रखंड की नरमा पंचायत स्थित रामप्यारी उच्च विद्यालय से सामने आया है. यहीं पर बीते कल यानी मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया गया था. धनुषी गांव के रहने वाले दिव्यांग सुरेंद्र कुमार को शिविर में बैटरी से चलने वाली ट्राईसाइकिल सौंपी गई. ट्राईसाइकिल मिलते ही सुरेंद्र के चेहरे पर काफी खुशी दिखी, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई.
नहीं हुई स्टार्ट, टायर भी पंचर
सुरेंद्र कुमार ने खुशी-खुशी ट्राईसाइकिल चलाने की कोशिश की, लेकिन वह स्टार्ट ही नहीं हुआ. फिर जांच करने पर पता चला की गाड़ी का टायर भी पंचर है. चश्मदीदों की मानें तो, ट्राइसाईकिल पूरी तरह खराब थी और उसे मौके से ले जाना कतई संभव नहीं था. सुरेंद्र इन सब की वजह से काफी परेशान हो गया.
घंटों तक धूप में बैठा रहा सुरेंद्र, किसी ने नहीं ली सुध
ट्राईसाइकिल पाकर जो सुरेंद्र काफी खुश था, अब उसकी ऐसी स्थिति देखकर वह परेशान हो गया और घंटों तक वहीं धूप में बैठा रहा. सुरेंद्र ने इसे लेकर वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से मदद मांगी, लेकिन फोटो खिंचवाने के बाद किसी ने भी सुध नहीं ली. इसी वजह से दिव्यांग खुद को ठगा महसूस करने लगा.
पीड़ित ने बयां किया दर्द
इस मामले में पीड़ित सुरेंद्र ने अपना दर्द भी बयां किया है. दिव्यांग का कहना है कि, अधिकारियों ने गाड़ी तो दे दी है...लेकिन वह कबाड़ निकली. ना तो बताया की गाड़ी कैसे चलती है...ना ही स्टार्ट करके दिखाया और इसका टायर भी पंचर है. अगर एक युवक मदद नहीं करता तो मैं धूप में ही फंसा रहता.
बाइक में गमछा बांधकर युवक पहुंचा घर
इसी बीच एक स्थानीय युवक ने मानवता की मिसाल पेश की है. युवक ने अपनी बाइक के पीछे लाल गमछा बांधा और फिर खराब ट्राईसाइकिल को भी बांधा. फिर शख्स ने धीरे-धीरे अपने बाइक को आगे बढ़ाया जिससे की पीछे बंधा ट्राईसाइकिल भी चला और सुरेंद्र अपने घर पहुंच पाया. सोशल मीडिया पर यही वीडियो जमकर वायरल हो रही है.
BDO प्रिया कुमारी ने कही ये बातें!
वहीं मामले पर बोचहां प्रखंड की BDO प्रिया कुमारी का कहना है कि, जिला मुख्यालयों से ट्राईसाइकिलें लाई गई थी. ऐसा संभव है कि लाने के वक्त कोई तकनीकी खराबी आ गई हो. प्रिया कुमारी ने यह भी बताया कि कुछ ट्राईसाइकिलों में पंचर की समस्या सामने आई थी, जिसे ठीक कराया जा रहा है. बीडीओ ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मैकेनिक से ठीक कराकर लाभुक को ट्राईसाइकिल सौंप दी जाएगी.
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