बिहार के मुजफ्फरपुर से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है. यहां के प्रसाद अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में तड़के सुबह भीषण आग लग गई. इस हादसे में अब तक कई मरीजों की जान जाने की खबर है, मौत का आंकड़ा अलग-अलग बताया जा रहा है, लगभग 9 लोगों के मौत की जानकारी अभी तक सामने आ रही है. जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं. लेकिन इस पूरे हादसे में सबसे ज्यादा झकझोरने वाली बात अस्पताल प्रशासन की हैवानियत है, जो आग लगते ही मरीजों को भगवान भरोसे छोड़कर मौके से रफूचक्कर हो गया.
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शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, मची अफरा-तफरी
जानकारी के मुताबिक, प्रसाद अस्पताल में सुबह करीब 3 बजे अचानक आग की लपटें उठने लगीं. शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. देखते ही देखते आग ने अस्पताल के आईसीयू वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया. पूरा वार्ड काले और घने धुएं से भर गया, जिससे मरीजों का दम घुटने लगा.
मरीजों को तड़पता छोड़ भागा स्टाफ
हादसे के वक्त अस्पताल में मौजूद पीड़ित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर बेहद गंभीर और अमानवीय होने के आरोप लगाए हैं. एक पीड़ित ने बताया कि उनके पिता आईसीयू में भर्ती थे. आग लगने के बाद अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी मरीजों को बाहर निकालने के बजाय खुद अपनी जान बचाकर वहां से भाग गए. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मृत मरीजों के शव तक उन्हें नहीं सौंपे और मौके से गायब हो गए.
दमकल विभाग ने खिड़कियां तोड़कर किया रेस्क्यू
मामले की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची. अग्निशमन पदाधिकारी आरएन पांडेय ने बताया कि जब उनकी टीम वहां पहुंची तो पूरा आईसीयू धुआं-धुआं हो चुका था और अस्पताल का लगभग पूरा स्टाफ गायब था. ऐसी स्थिति में दमकल कर्मियों ने जांबाजी दिखाते हुए अस्पताल की खिड़कियां और दरवाजे तोड़े और अंदर फंसे मरीजों का रेस्क्यू करना शुरू किया. दमकल विभाग ने करीब 20 से अधिक मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिन्हें पास के दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है.
अधिकारियों का क्या कहना है?
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी (DM) सुब्रत कुमार सेन ने शुरुआती तौर पर तीन मौतों की पुष्टि की है, हालांकि दमकल विभाग और स्थानीय सूत्रों के अनुसार मौतों का आंकड़ा 10 तक पहुंच सकता है. डीएम ने कहा कि फिलहाल घटना के समय भर्ती सभी मरीजों की स्थिति का पता लगाया जा रहा है और अस्पताल के खिलाफ कड़ी कानूनी व प्रशासनिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं. सिविल सर्जन भी मौके पर पहुंचकर राहत और मेडिकल सहायता की निगरानी कर रहे हैं.
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