Muzaffarpur Police vs Villagers: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली खबर सामने आई है. यहां के पियर थाना क्षेत्र के बड़गांव में वाहन चेकिंग के दौरान शुरू हुआ एक मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया. विवाद इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने पियर थाना अध्यक्ष और कई पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया.
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मामला वाहन चेकिंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. पुलिस ने सड़क पर एक युवक को रोका. इस पर सरपंच लाल बाबू सहनी ने मामले में हस्तक्षेप कर युवक को छोड़ने की बात कही. आरोप है कि इसी दौरान थाना अध्यक्ष और सरपंच के बीच कहासुनी हो गई और देखते ही देखते पुलिस ने सरपंच की सरेआम पिटाई कर दी.
लाेगों ने पुलिसकर्मीयों को दौड़ाया
सरपंच की पिटाई की खबर जैसे ही गांव में फैली तो हड़कंप मच गया. घटना से गुस्साई गांव की महिलाएं, बच्चे और युवा लाठी डंडे लेकर सड़क पर उतर आए. इसके बाद सभी ने मिलकर पुलिस की गाड़ी पर हमला बोल दिया. घटना के दौरान पुलिसकर्मी खुद जान बचाकर भागते नजर आए. आरोप है कि इस बीच कुछ लोगाें ने थाना प्रभारी समेत कुछ पुलिसकर्मियों को सरपंच के ही घर में कैद कर बंधक बना लिया.
हवाई फायरिंग और तनाव का माहौल
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का आरोप है कि इस हंगामे के दौरान पुलिस की ओर से गोलियां भी चलाई गईं. हालांकि, पुलिस आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि करने से बच रही है. हालात बिगड़ते देख सकरा के एसडीपीओ मनोज कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे.
पुलिस ने बताई बवाल की वहज
एसडीपीओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच की पिटाई हुई है, जबकि पुलिस डीजे को लेकर हुए विवाद की बात कह रही है. फिलहाल काफी मशक्कत के बाद सड़क जाम हटवाया गया है, लेकिन इलाके में तनाव बरकरार है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरपंच का बयान लेने के बाद ही दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.
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