दमन के सूटकेस में 2 महीने तक सड़ती रही नवादा की बेटी की लाश, आरोपी प्रेमी बनारस से गिरफ्तार

हर्षिता सिंह

• 09:02 AM • 12 Aug 2026

दमन में प्रेमी के साथ रह रही नवादा की शादीशुदा युवती 'छोटी' का सड़ा-गला शव सूटकेस में बंद मिला। 2 महीने बाद आरोपी बॉयफ्रेंड ऋषभ बनारस से मजदूर बनकर छुपा पकड़ा गया। पढ़ें खौफनाक हत्याकांड की पूरी रिपोर्ट।

NewsTak
Google CTA

प्यार में अंधे होकर परिवार, समाज और हंसते-खेलते संसार को कुर्बान करने का अंजाम एक बार फिर बेहद भयावह और रोंगटे खड़े कर देने वाला सामने आया है. बिहार के नवादा जिले की रहने वाली 20 वर्षीया युवती 'छोटी' की उसके ही प्रेमी ऋषभ ने बेरहमी से हत्या कर दी और लाश को एक प्लास्टिक में लपेटकर ट्रॉली सूटकेस के अंदर बंद कर दिया. 

Read more!

हैरान करने वाली बात यह है कि हत्या के बाद आरोपी कमरे पर ताला मारकर फरार हो गया और मासूम युवती का शव बंद कमरे में करीब दो महीने तक सड़ता रहा. अब उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) और सिलवासा पुलिस ने आरोपी प्रेमी ऋषभ को वाराणसी (बनारस) के चांदपुर इलाके से भेष और नाम बदलकर मजदूरी करते हुए धर दबोचा है. 

जानिए क्या है पूरी कहानी? 

पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि नवादा की रहने वाली छोटी की शादी करीब 2 साल पहले परिजनों ने धूमधाम से कराई थी. सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन छोटी का दिल अपने पुराने प्रेमी ऋषभ के पास ही अटका था. उसने अपने हंसते-खेलते ससुराल, मां-बाप की इज्जत और रिश्तों को दरकिनार कर ऋषभ पर आंख मूंदकर भरोसा किया और उसके साथ घर से फरार हो गई. भागने के बाद दोनों ने शादी कर ली. जब ऋषभ छोटी को अपने घर लेकर पहुंचा, तो उसके परिवार वालों ने शादीशुदा युवती को बहु मानने से साफ इंकार कर दिया और दोनों को घर से बेदखल कर दिया. [05:44] इसके बाद अपनी नई दुनिया बसाने के लिए दोनों दादरा एवं नगर हवेली के दमन (सिलवासा) शिफ्ट हो गए और वहां किराए के मकान में रहने लगे. 

9 जून की सुबह का वो 'खौफनाक झगड़ा' और दर्दनाक मौत

दमन में रहते हुए दोनों के बीच विवाद की नींव तब पड़ी जब छोटी बार-बार अपने गांव और बिहार (ससुराल) वापस लौटने की जिद करने लगी.  दरअसल, बिहार में ऋषभ के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज हो चुकी थी, जिसके चलते वह बिहार वापस नहीं जाना चाहता था. 

गत 9 जून की सुबह इसी बात को लेकर दोनों में तीखी बहस और मारपीट हुई. गुस्से में आकर ऋषभ ने छोटी के साथ भीषण मारपीट की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने की नीयत से ऋषभ ने छोटी के शव को प्लास्टिक में लपेटा, उसे कपड़े रखने वाले बड़े ट्रॉली सूटकेस में ठूंसकर बंद किया और कमरे में बाहर से ताला जड़कर सीधे फरार हो गया. 

2 महीने बाद ऐसे खुला 'सूटकेस वाला खौफनाक राज'

कमरे में ताला बंद था और किसी को कानों-कान खबर नहीं हुई.  अगस्त के पहले हफ्ते में (5 अगस्त के करीब) जब मकान मालिक नए किराएदार को कमरा दिखाने के लिए ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए, तो कमरे से असहनीय बदबू आ रही थी. जब वहां पड़े सूटकेस को खोला गया, तो अंदर सड़ी-गली हालत में लाश देखकर पुलिस और मकान मालिक के होश उड़ गए. 

बनारस में नाम बदलकर बन गया था मजदूर

वारदात के बाद आरोपी ऋषभ बनारस (वाराणसी) भाग गया. वहां उसने अपना नाम और पहचान छिपा ली और चांदपुर स्थित एक कंपनी में मजदूर बनकर काम करने लगा.  उसे लगा कि 3 महीने बीत जाने के बाद मामला ठंडा पड़ गया होगा और पुलिस उस तक कभी नहीं पहुंच पाएगी. लेकिन यूपी एसटीएफ और सिलवासा पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर उसे दबोच लिया.पुलिस ने आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.