मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए इसे रद्द कर दिया गया है. कथित तौर पर पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यह कदम उठाया है. इस फैसले के बाद परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों में भारी आक्रोश और निराशा देखी जा रही है. बिहार की राजधानी पटना में तैयारी कर रहे छात्रों का कहना है कि उनकी साल भर की कड़ी मेहनत पर पानी फिर गया है. विस्तार से जानिए परीक्षा कैंसिल हो जाने के बाद छात्रों का क्या है रिएक्शन.
ADVERTISEMENT
छात्रों का छलका दर्द, मेंटल स्ट्रेस में अभ्यर्थी
परीक्षा रद्द होने की खबर मिलते ही छात्र बेहद भावुक नजर आए. छात्रों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि वे दिन में 12 से 14 घंटे लगातार पढ़ाई कर रहे थे. एक छात्र ने बताया कि उसका स्कोर 650 से अधिक बन रहा था और वह एक अच्छे मेडिकल कॉलेज में दाखिले की उम्मीद कर रहा था, लेकिन परीक्षा रद्द होने से अब उसे फिर से शून्य से शुरुआत करनी होगी. अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा के छह दिन बाद पेपर लीक की खबर आती है और फिर अचानक एनटीए परीक्षा रद्द कर देता है, जिससे वे भारी मानसिक तनाव और पैनिक की स्थिति में हैं.
'कोचिंग माफिया' और एनटीए पर उठाए सवाल
छात्रों ने सीधे तौर पर बड़े कोचिंग संस्थानों और एनटीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं.. छात्रों का कहना है कि सीकर जैसे बड़े कोचिंग हब में बैठे कोचिंग माफिया पेपर खरीद लेते हैं और अपने चुनिंदा बच्चों को दे देते हैं. वहीं, पटना जैसे शहरों में छोटे-छोटे कमरों में रहकर मेहनत करने वाले छात्रों के हाथ सिर्फ निराशा लगती है. छात्रों ने सवाल उठाया कि एनटीए जैसी बड़ी नेशनल एजेंसी होने के बावजूद हर साल पेपर लीक की घटनाएं क्यों हो रही हैं. उनका आरोप है कि हर बार मामले को दबा दिया जाता है और सरकार इस पर कोई सख्त एक्शन नहीं लेती.
अभिभावकों में भी भारी बेचैनी
सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि उनके परिवार वाले भी इस फैसले से बेहद परेशान हैं. छात्रों ने बताया कि घर से लगातार फोन आ रहे हैं और माता-पिता काफी दुखी हैं. एक छात्र ने भावुक होते हुए कहा कि टेस्ट पेपर में आने वाले उतार-चढ़ाव को झेलते हुए उन्होंने एक साल तक कड़ी मेहनत की थी, लेकिन अब भविष्य धुंधला नजर आ रहा है. छात्रों का मानना है कि जहां पेपर लीक हुआ था, केवल वहां एक्शन लेने के बजाय पूरी परीक्षा रद्द करना उन मेधावी छात्रों के साथ अन्याय है जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा दी थी.
विशेषज्ञों ने की कानूनी कार्रवाई की मांग
इस मामले पर कोचिंग सेंटर के निदेशकों ने भी चिंता व्यक्त की है. उनका कहना है कि एनटीए को विशेष रूप से निष्पक्ष परीक्षा कराने के लिए बनाया गया था, लेकिन बार-बार पेपर लीक होना छात्रों के करियर और भविष्य के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए और पेपर लीक में शामिल दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में गलत तरीके से पेपर खरीदकर डॉक्टर बनने की कोशिश करने वाले लोग समाज के लिए भी खतरा हैं.
यहां देखें वीडियो
NEET UG में पेपर लीक होने के बाद रद्द परीक्षा हुई रद्द, अब CBI करेगी मामले की जांच
ADVERTISEMENT


