कांग्रेस द्वारा आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में उस वक्त माहौल राजनीतिक और सामाजिक सवालों की ओर मुड़ गया, जब लोक गायिका और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहने वाली नेहा सिंह राठौर मंच पर पहुंचीं. राहुल गांधी की मौजूदगी में नेहा सिंह राठौर ने महिलाओं और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरा. मंच से नेहा सिंह राठौर ने अपनी बात रखते हुए महिलाओं के सामने खड़ी चुनौतियों पर सवाल उठाए. उनके संबोधन के दौरान कार्यक्रम में मौजूद छात्रों और युवाओं की आवाज भी चर्चा का विषय बनी रही. नेहा सिंह राठौर ने राहुल गांधी और छात्राओं के सामने दो गाने भी गाए.
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छात्रों की समस्याओं पर उठे सवाल
कार्यक्रम में नेता सिंह राठौर ने खुद की हो रही ट्रोलिंग पर भी बात की और कहा है कि वो इससे डरने वाली नहीं है. इसके जवाब में राहुल गांधी ने भी कहा कि वो सरकार के सामने ट्रोलिंग से नहीं डरते हैं. दोनों के संवाद पर जमकर तालियां भी बजी. वहीं, कार्यक्रम में महिलाओं और छात्राओं से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा हुई. उन्होंने छात्राओं की आवाज को मंच के माध्यम से सामने रखते हुए सरकार की नीतियों और व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया ने भी यह साफ किया कि छात्र और युवा रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर अपनी बात मजबूती से रखना चाहते हैं.
राहुल गांधी की मौजूदगी में सरकार पर निशाना
राहुल गांधी के सामने नेहा सिंह राठौर का यह संबोधन खासा चर्चा में रहा. मंच से सरकार को घेरते हुए उन्होंने युवाओं और छात्रों से जुड़े सवालों को केंद्र में रखा. हालांकि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्रों की आवाज और युवाओं से जुड़े मुद्दे रहे. बेरोजगारी, शिक्षा और भविष्य को लेकर उठाए गए सवालों ने कार्यक्रम को राजनीतिक बहस से भी जोड़ दिया.
क्यों चर्चा में है नेहा सिंह राठौर का संबोधन?
नेहा सिंह राठौर पहले भी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने बयानों और गीतों के जरिए चर्चा में रही हैं. इस बार राहुल गांधी की मौजूदगी में छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठाने के कारण उनका संबोधन सुर्खियों में आ गया. अब देखना होगा कि नेहा के सवालों पर राजनीतिक दल किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं और इन मुद्दों को लेकर आगे की राजनीति किस दिशा में जाती है.
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