बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधान परिषद (MLC) की सीट से अपना इस्तीफा सौंप दिया है. नीतीश कुमार के इस कदम के बाद सदन में उनके साथ लंबे समय तक काम करने वाले नेता और मंत्री काफी भावुक दिखे. जेडीयू के कद्दावर नेता अशोक चौधरी और एमएलसी संजय सिंह ने इस मौके पर अपना दर्द साझा किया.
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'अभिभावक की छत्रछाया चली गई' - अशोक चौधरी
नीतीश कुमार के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री अशोक चौधरी काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि आज सदन से एक अभिभावक की छत्रछाया चली गई है. अशोक चौधरी ने याद किया कि कैसे सदन में जब भी कोई मंत्री फंसता था, तो नीतीश कुमार खुद खड़े होकर उन्हें 'बेल आउट' करते थे और जवाब देते थे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार की बेटियों के लिए पोशाक योजना जैसी ऐतिहासिक शुरुआत की, जिससे आज मैट्रिक पास करने वाली लड़कियों का प्रतिशत 20% से बढ़कर 50% के पार पहुँच गया है.
2006 से साथ निभाने का टूटा सफर
वहीं, जेडीयू एमएलसी संजय सिंह ने कहा कि 2006 से वे नीतीश कुमार के साथ सदन में काम कर रहे हैं. उन्होंने नीतीश कुमार को बिहार की 'तकदीर और तदबीर' बदलने वाला नेता बताया. संजय सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि सदन में उनकी कमी हमेशा अखरेगी.
सदन में खलेगी नीतीश कुमार की कमी
रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति में सक्रिय हों या अन्य भूमिका में जाएं, लेकिन बिहार विधान परिषद के सदस्य के रूप में उनका न होना उनके सहयोगियों के लिए एक बड़ा झटका है. नेताओं ने बताया कि उनका मार्गदर्शन तो मिलता रहेगा, लेकिन सदन के भीतर उनकी उपस्थिति और तुरंत समस्याओं का समाधान करने की शैली को पूरा बिहार मिस करेगा.
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