नीतीश कुमार को RJD के साथ आने का ऑफर, JDU ने दिया दो टूक जवाब

आशीष अभिनव

• 01:20 PM • 17 Sep 2026

नीतीश कुमार को RJD के साथ आने का ऑफर मिला है. अब इस ऑपर पर JDU की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आ गई है.

nitish kumar tejashwi yadav
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पटना: बिहार की सियासत में UCC यानी समान नागरिक संहिता को लेकर बयानबाजी के बीच एक बार फिर नीतीश कुमार और JDU को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से NDA का साथ छोड़कर महागठबंधन के साथ आने और सरकार बनाने की अपील की है. वहीं, JDU ने इस ऑफर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

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भाई वीरेंद्र ने नीतीश कुमार को क्या ऑफर दिया?

भाई वीरेंद्र ने UCC के मुद्दे पर नीतीश कुमार से बीजेपी का साथ छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा वाले लोगों को एक साथ आना चाहिए. उन्होंने नीतीश कुमार से RJD के साथ मिलकर सरकार बनाने का आह्वान किया. RJD नेता भाई वीरेंद्र ने कहा कि अगर UCC के मुद्दे पर NDA के भीतर बात नहीं बन रही है तो नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ आकर सरकार बना सकते हैं. उन्होंने नीतीश कुमार से बीजेपी का साथ छोड़कर उनके साथ आने की अपील की.

RJD ने किया UCC का विरोध 

भाई वीरेंद्र ने UCC का विरोध करते हुए कहा कि बिहार में इसे लागू नहीं होने दिया जाएगा. उनका कहना था कि देश धर्मनिरपेक्ष है और सभी धर्मों को अपने-अपने धार्मिक अधिकारों के साथ जीने का संवैधानिक अधिकार है. RJD नेता ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के साथ कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्होंने उन्हें नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने नीतीश कुमार को सामाजिक न्याय की राजनीति करने वाले लोगों के साथ आने का आग्रह किया.

JDU ने RJD के ऑफर पर क्या कहा?

RJD के इस ऑफर पर JDU प्रवक्ता राजीव रंजन की प्रतिक्रिया सामने आई. उन्होंने RJD के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि JDU और RJD के बीच किसी तरह का गठबंधन या रिश्ता संभव नहीं है. राजीव रंजन ने RJD के इस ऑफर पर तंज कसते हुए कहा कि यह 'मुंगेरी लाल के हसीन सपने' जैसा है. उन्होंने कहा कि RJD को ऐसी गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए. JDU प्रवक्ता ने साफ किया कि उनकी पार्टी NDA का हिस्सा है और गठबंधन को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने यह भी कहा कि JDU अपनी राय और विचार रखने के लिए स्वतंत्र है.

UCC पर JDU का क्या रुख है?

RJD का यह ऑफर ऐसे समय आया है जब UCC को लेकर JDU का रुख चर्चा में है. पार्टी ने कहा है कि प्रस्तावित कानून के ड्राफ्ट और उसके प्रावधानों को देखने के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा. 15 सितंबर को बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने भी कहा था कि पार्टी पहले UCC के प्रावधानों का अध्ययन करेगी और उसके बाद अपना रुख तय करेगी. वहीं, JDU नेता श्याम रजक ने इससे पहले बिहार में UCC लागू किए जाने का विरोध करते हुए नीतीश कुमार के पुराने रुख का हवाला दिया था. यानी UCC के मुद्दे पर JDU के भीतर अलग-अलग नेताओं की ओर से बयान सामने आए हैं, जबकि पार्टी के स्तर पर ड्राफ्ट देखने के बाद अंतिम रुख तय करने की बात कही गई है.

RJD के ऑफर और JDU के जवाब के बीच क्या बदला?

एक तरफ RJD नेता नीतीश कुमार को अपने साथ आने का सार्वजनिक न्योता दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ JDU ने इस प्रस्ताव को खारिज कर NDA में बने रहने की बात दोहराई है. ऐसे में फिलहाल दो बातें साफ हैं. RJD की ओर से नीतीश कुमार को साथ आने का प्रस्ताव सार्वजनिक रूप से दिया गया है और JDU ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है. नीतीश कुमार की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया इस बयान पर क्या होगी, यह अलग सवाल है. बिहार की राजनीति में UCC के मुद्दे पर आगे होने वाली JDU की बैठक और पार्टी के आधिकारिक फैसले पर अब नजर रहेगी.