संसद परिसर में भगवा वस्त्र धारण कर और दान पात्र लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन करने वाले पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने अपने इस कदम पर जवाब दिया. बीजेपी द्वारा भगवा और सनातन धर्म का मजाक उड़ाने के आरोपों पर पलटवार करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ विपक्ष नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के लोग कर रहे हैं.
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'भगवा और रियल संतों की आस्था को खतरे में डाल रहे दुराचारी'
सत्ता पक्ष के सांसदों के आरोपों का जवाब देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि हम किसी का नाम नहीं ले रहे हैं, लेकिन जो दुराचारी और पर्ची निकालने वाले बाबा हैं, उन्होंने ही भगवा की आस्था और असली संतों को खतरे में डाला है.
उन्होंने कहा कि जो लोग दावा करते हैं कि 'हम त्रेता युग के राम को लाए हैं', असल में उन्होंने भगवान राम के नाम पर केवल सब माल हड़पने का काम किया है. पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि देश के 154 करोड़ लोगों की उस आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है, जो राम और शिव को अपने विचारों व चरित्र में रखते हैं.
'दान पात्र लेकर भागने का वीडियो वायरल, पप्पू यादव ने दी प्रतिक्रिया'
संसद परिसर में हाथ में दान पेटी लेकर भागने और उस वीडियो के वायरल होने पर पप्पू यादव ने कहा कि यह प्रदर्शन सांकेतिक था. भगवान राम की आस्था और चढ़ावे की चोरी हुई है, उसी को दिखाने के लिए यह सांकेतिक नाटक किया गया.
'क्या सिर्फ बीजेपी वाले ही भगवा पहन सकते हैं?'
संसद परिसर में विरोध के तरीके पर उठे सवालों का जवाब देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि विरोध जताने के लिए हम गोली-लाठी तो नहीं चला सकते. क्या अन्य लोग ही केवल गेरुआ (भगवा) पहन सकते हैं? हमने तो आस्था के सम्मान में भगवा पहना है. असली नाटक तो वे लोग कर रहे हैं जो भगवा पहनकर देश में उन्माद फैलाते हैं और भगवान को राजनीति का जरिया बनाते हैं.
पप्पू यादव का किसी ने गला पकड़ा..किसी ने भगाया.. 'चढ़ावा चोरी' के विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन
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