Bankipur Assembly Bypoll Date :बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में से एक पटना की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान हो चुका है. चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के बाद इस सीट को लेकर राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है. बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है, क्योंकि नए राजनीतिक दल और चेहरे भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं.
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चुनाव आयोग ने घोषित किया पूरा शेड्यूल
चुनाव आयोग ने गुरुवार को तीन राज्यों की तीन सीटों पर होने वाले उपचुनाव की घोषणा की, जिसमें बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट भी शामिल है. आयोग के अनुसार, इस सीट पर उपचुनाव की अधिसूचना 6 जुलाई को जारी की जाएगी. अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जो 13 जुलाई तक चलेगी. इसके बाद 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. वहीं नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 16 जुलाई तय की गई है.
30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को नतीजे
बांकीपुर विधानसभा सीट पर आगामी 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे. मतदान संपन्न होने के बाद 3 अगस्त को चुनाव के परिणाम जारी किए जाएंगे. चुनाव आयोग ने साफ किया है कि इस सीट पर उपचुनाव 30 सितंबर 2025 को प्रकाशित की गई मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के आधार पर कराया जाएगा.
नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
बांकीपुर विधानसभा सीट को मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी और नितिन नवीन का अभेद्य किला माना जाता है. नितिन नवीन इस सीट से लगातार जीत का परचम लहराते आ रहे हैं. हालांकि, अब उन्हें राज्यसभा सांसद बना दिया गया है, जिसके कारण उन्होंने इस विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे के बाद ही यह सीट खाली हुई है और अब इस पर उपचुनाव कराए जा रहे हैं.
जेजेडी ने वीना वीणा को बनाया उम्मीदवार
इस उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियां बनानी शुरू कर दी हैं. जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने पटना की सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को बांकीपुर सीट से अपनी पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है. जेजेडी इस चुनाव में अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान करने वाली पहली पार्टी बन गई है, जिसने कुछ दिनों पहले ही अपने पत्ते खोल दिए थे.
प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की अटकलें
इसी बीच सियासी गलियारों में इस बात की भी भारी चर्चा है कि जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर खुद इस सीट से चुनावी रण में उतर सकते हैं. अटकलें लगाई जा रही हैं कि प्रशांत किशोर बांकीपुर सीट से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं. जन सुराज पार्टी भी इस सीट पर पूरी मजबूती से ताल ठोकने के लिए बेकरार है और माना जा रहा है कि पार्टी यहां अपना उम्मीदवार जरूर उतारेगी.
वोटर्स के मन से खत्म होगा हार-जीत का डर
प्रशांत किशोर ने पिछले विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कई वोटर्स जन सुराज को वोट देना चाहते थे, लेकिन बीजेपी समर्थकों को डर था कि उनके वोट से लालू प्रसाद यादव का जंगलराज वापस न आ जाए. वहीं, मुस्लिम वर्ग और लालू जी के समर्थकों को डर था कि जन सुराज को वोट देने से बीजेपी बीच में न आ जाए. लेकिन इस उपचुनाव में वह डर नहीं है. बीजेपी की सरकार अगले 5 साल के लिए बनी हुई है, इसलिए बांकीपुर में बीजेपी के हारने से सरकार खत्म नहीं होगी.
ऐसे में बीजेपी समर्थक एक अच्छे व्यक्ति और जन सुराज को जिताकर यह संदेश दे सकते हैं कि बीजेपी यहां के वोटर्स को हल्के में न ले. दूसरी तरफ, लालू जी के वोटर्स के पास भी अब सरकार बदलने का डर नहीं है, क्योंकि बीजेपी सरकार पहले से ही सत्ता में है. अगर वे किसी ऐसी वैकल्पिक ताकत को वोट देते हैं जो बीजेपी को हरा सके, तो बिहार में एक नई राजनीति की शुरुआत हो सकती है.
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