बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों की लेटलतीफी और ढीले-ढाले वर्क कल्चर पर नकेल कसने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार (सामान्य प्रशासन विभाग) ने सूबे के करीब 10 लाख सरकारी कर्मचारियों को सख्त अल्टीमेटम जारी कर दिया है. अब दफ्तर देर से आने वाले कर्मचारियों की जेब ढीली होगी, यानी उनकी सैलरी काटी जाएगी.
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नए नियमों के मुताबिक, सभी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी (Biometric Attendance) अनिवार्य कर दी गई है. इसके साथ ही सरकार ने साल के अलग-अलग महीनों के लिए ड्यूटी का समय और लंच ब्रेक का वक्त भी तय कर दिया है.
नए नियम और ड्यूटी का समय (Duty Timing)
- मार्च से अक्टूबर: सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक.
- नवंबर से फरवरी: सुबह 10:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक.
- लंच ब्रेक: दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक (सिर्फ आधा घंटा).
बाकी के पूरे समय कर्मचारियों को सिर्फ और सिर्फ अपने दफ्तर का काम निपटाना होगा. सरकार का मकसद साफ है- सरकारी दफ्तरों में अनुशासन लाना और जनता के कामों में तेजी लाना. अब कुछ घंटों में दफ्तर जाकर काम की फॉर्मेल्टी करने वाली खैर नहीं है. अब लापरवाही जेब पर भारी पड़ने वाली है.
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