पटना में गंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड, बिहार के 11 जिलों में 16.85 लाख लोग प्रभावित

न्यूज तक डेस्क

• 09:29 AM • 06 Sep 2026

बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर पहुंचकर 2016 का रिकॉर्ड तोड़ चुका है. राज्य के 11 जिलों में 16.85 लाख लोग प्रभावित हैं. गंगा समेत सात नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं. NDRF-SDRF की 34 टीमें राहत कार्य में जुटी हैं.

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बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. पटना में गंगा नदी का जलस्तर पुराने रिकॉर्ड को पार कर गया है. गांधी घाट पर गंगा 50.57 मीटर के स्तर पर बह रही है. यह 2016 में दर्ज किए गए 50.52 मीटर के उच्चतम जलस्तर से 5 सेंटीमीटर ज्यादा है.

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गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ राज्य की कई दूसरी नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर हैं. इसका असर पटना समेत 11 जिलों में दिखाई दे रहा है. अब तक करीब 16.85 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं. 61 प्रखंडों की 300 से ज्यादा ग्राम पंचायतें पानी की चपेट में हैं.

11 जिलों में बिगड़े हालात

बाढ़ का असर भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, अरवल और पटना में है. कई इलाकों में खेत पानी में डूब गए हैं. गांवों को जोड़ने वाली सड़कों पर भी पानी भर गया है. पानी बढ़ने से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से टूट गया है. प्रभावित परिवार सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं. कई लोग बांधों और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं. प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है. राहत सामग्री और पीने के पानी की व्यवस्था भी की जा रही है.

गांधी घाट पर गंगा का नया रिकॉर्ड

पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर पहुंच गया है. वर्ष 2016 में यहां गंगा का अधिकतम स्तर 50.52 मीटर दर्ज किया गया था. इस तरह इस बार नदी पुराने रिकॉर्ड से 5 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है. पानी का स्तर अभी बढ़ रहा है. इससे पटना के दियारा क्षेत्रों और नदी के आसपास बसे निचले इलाकों में खतरा और बढ़ गया है. पटना जिले के पंडारक में भी गंगा ने पिछला रिकॉर्ड पार किया है. यहां नदी का जलस्तर 43.78 मीटर दर्ज हुआ है. यह 2021 में दर्ज उच्चतम स्तर से 5 सेंटीमीटर अधिक है.

सात प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर

गंगा के अलावा गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा भी लाल निशान के ऊपर बह रही हैं. नदियों में पानी अधिक होने से निकासी की समस्या बढ़ गई है. मुख्य नदी का जलस्तर ऊंचा होने के कारण सहायक नदियों का पानी आसानी से आगे नहीं निकल पा रहा है. नतीजा यह है कि पानी कई जगह वापस खेतों और बस्तियों की ओर फैल रहा है. इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है. खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान हो रहा है.

NDRF-SDRF की 34 टीमें तैनात

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए NDRF और SDRF की कुल 34 टीमें लगाई गई हैं. इनमें NDRF की 7 और SDRF की 27 टीमें शामिल हैं. बोट की मदद से पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है. प्रभावित इलाकों में राशन और पीने के पानी के पैकेट भी भेजे जा रहे हैं. तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है. कर्मचारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं, ताकि कटाव या किसी तरह की क्षति होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.

बारिश ने बढ़ाई चिंता

मौसम विभाग ने बिहार के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है. कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है. बारिश होने पर नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है. ऐसे में पहले से बाढ़ की मार झेल रहे इलाकों में मुश्किलें बढ़ने की आशंका है. बिहार में करीब 16.85 लाख लोग पहले ही बाढ़ से प्रभावित हैं. पटना में गंगा का रिकॉर्ड स्तर पार करना और कई प्रमुख नदियों का लाल निशान के ऊपर बहना चिंता बढ़ा रहा है. अगले एक-दो दिन प्रभावित इलाकों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं.