बिहार में शिक्षक बहाली (TRE-4), बीएसएससी (BSSC) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया में अचानक किए गए बदलावों को लेकर राजधानी पटना का गर्दनीबाग धरना स्थल अभ्यर्थियों के आक्रोश और अनिश्चितकालीन आंदोलन का मुख्य केंद्र बना हुआ है. भीषण गर्मी, उमस और सरकारी उदासीनता के बीच गर्दनीबाग में डटे आंदोलनकारियों के समर्थन में अब राज्य की छात्राएं और महिला अभ्यर्थी भी ढाल बनकर खड़ी हो गई हैं. रविवार को गर्दनीबाग धरना स्थल से छात्र एकजुटता और मानवीय संवेदना की एक बेहद भावुक और प्रेरक तस्वीर सामने आई, जब पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राएं अपने लॉज के छोटे से कमरे में करीब 35 से 40 अभ्यर्थियों के लिए खुद अपने हाथों से खाना पकाकर धरना स्थल पहुंचीं.
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'दिलीप सर हमारे लिए लड़ रहे हैं, तो हमारा भी फर्ज बनता है'
धरना स्थल पर भोजन वितरण के दौरान अभ्यर्थियों का हौसला बढ़ाते हुए छात्र नेता ने बताया कि पटना में रहकर तैयारी करने वाली इन छात्राओं ने खुद पहल की और लॉज में बने खाने को लाकर अनशन और आंदोलन में बैठे साथियों को परोसा. महिला अभ्यर्थी ने आंदोलन के प्रति अपना समर्पण व्यक्त करते हुए कहा:
छात्र नेता दिलीप कुमार सर और बाकी साथी हम अभ्यर्थियों के भविष्य और अधिकारों के लिए इस कड़कती धूप और भीषण गर्मी में लड़ाई लड़ रहे हैं. ऐसे में पटना के लॉज में रहने वाली हम छात्राओं का भी यह नैतिक दायित्व बनता है कि हमारे भाई सड़कों पर भूखे न रहें. हमने अपने कमरे में एक छोटे से गैस चूल्हे पर मेहनत करके 35 से 40 लोगों का खाना तैयार किया.
इसके साथ ही उन्होंने पटना में रहकर पढ़ाई करने वाले अन्य छात्रों, मकान मालिकों और स्थानीय नागरिकों से भी भावुक अपील की कि वे धरना स्थल पर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भोजन और सहायता भेजें, ताकि इस लोकतांत्रिक आंदोलन को और मजबूती मिल सके.
'TRE-4 में अचानक पीटी-मेन्स और कटऑफ लागू करना नाइंसाफी'
भोजन कराने के साथ ही महिला अभ्यर्थियों ने शिक्षक बहाली परीक्षा (TRE-4) के नियमों में किए गए अचानक फेरबदल पर राज्य सरकार और बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के प्रति कड़ा आक्रोश जताया. अभ्यर्थियों ने मुख्य मांगें दोहराते हुए कहा:
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