आधी रात को गर्दनीबाग पहुंचे मनीष कश्यप, बोले- 'सम्राट चौधरी जी हाथ जोड़ता हूं, युवाओं की मांगें मान लीजिए'

पटना के गर्दनीबाग में 8 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों के समर्थन में आधी रात को पहुंचे मनीष कश्यप ने सरकार को घेरा. मनीष कश्यप ने सीएम सम्राट चौधरी से हाथ जोड़कर छात्रों की मांगें पूरी करने और तुरंत संवाद के लिए डेलीगेशन भेजने की अपील की. उन्होंने प्रशांत किशोर से भी धरना स्थल आने की मांग की.

Manish Kashyap
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पटना का गर्दनीबाग धरना स्थल इस समय अभ्यर्थियों के भारी आक्रोश और अनिश्चितकालीन आंदोलन का गवाह बना हुआ है. बीपीएससी, बिहार एसएससी, बीपीएसएससी और शिक्षक बहाली समेत कई भर्ती परीक्षाओं में धांधली व विसंगतियों के खिलाफ छात्र नेता अमन पिछले 8 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं, जबकि छात्रा जान्हवी का भी अनशन जारी है. रविवार को मनीष कश्यप लगातार चौथे दिन गर्दनीबाग पहुंचे और अभ्यर्थियों का हालचाल लिया.

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मनीष कश्यप ने साधा निशाना 

धरना स्थल से बात करते हुए मनीष कश्यप ने कहा कि 8 दिनों से भूखे बैठे छात्र अमन का 10 किलो वजन घट चुका है और अनशन पर बैठीं छात्राओं के चेहरे सूख चुके हैं.

यहां से विधानसभा और मंत्री इंक्लेव महज 200 मीटर की दूरी पर है और 1 किलोमीटर पर सचिवालय है, लेकिन सरकार और उसके दरबारी सोए हुए हैं. बिहार के छात्र पूरी दुनिया के अधिकारों के लिए खड़े हो जाते हैं, लेकिन जब बिहार के बच्चे मुश्किल में होते हैं तो कोई उनका साथ नहीं देता.

18 साल से लाइब्रेरियन भर्ती नहीं आई

मनीष कश्यप ने राज्य की बदहाल भर्ती प्रक्रिया पर तंज कसते हुए कहा:

18 साल में आरसीबी ने आईपीएल का खिताब जीत लिया, लेकिन बिहार में 18 सालों से लाइब्रेरियन की बहाली तक नहीं आई है. अस्पतालों में ड्रेसर की दर्जनों सीटें खाली पड़ी हैं.

उन्होंने बिहार के 243 विधायकों के साथ-साथ अभ्यर्थियों के माता-पिता से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के विधायकों से सवाल पूछें कि उनका बच्चा पटना में अनशन पर है और जनप्रतिनिधि क्या कर रहे हैं.

'सम्राट चौधरी जी हीरो बनिए, संवाद के लिए डेलीगेशन भेजिए'

मनीष कश्यप ने राज्य के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हाथ जोड़कर भावुक अपील की:

सम्राट चौधरी जी युवा नेता हैं और आपके पास हीरो बनने का बेहतरीन मौका है. मैं हाथ जोड़कर आपसे रिक्वेस्ट करता हूं कि इन बच्चों की मांगें मान लीजिए. अगर मांगों को लेकर कुछ तकनीकी अड़चन है तो कम से कम एक डेलीगेशन बनाकर इन बच्चों से संवाद करने भेजिए. जो नेता इन बच्चों के दर्द को समझेगा, वही अभ्यर्थियों की नजर में असली हीरो बनेगा. 

उन्होंने तेजस्वी यादव, प्रशांत किशोर और विपक्षी नेताओं से भी अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर तुरंत गर्दनीबाग पहुंचें और अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों से बातचीत करें.

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