बिहार की राजधानी पटना का गर्दनीबाग धरना स्थल एक बार फिर छात्र-युवाओं के आक्रोश का केंद्र बन गया है. राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक, धांधली और भर्ती परीक्षाओं में देरी के विरोध में अभ्यर्थियों का आमरण अनशन (भूख हड़ताल) और अधिक उग्र रूप लेता जा रहा है. छात्र नेता अमन कुमार के बाद अब समस्तीपुर की छात्रा और अभ्यर्थी जाह्नवी ने भी गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है.
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'मां के फैसले के खिलाफ लड़ी रही ये लड़ाई'
बिहार तक से बातचीत करते हुए अनशन पर बैठी अभ्यर्थी जाह्नवी ने कहा:
मेरी मां ने मुझे इस अनशन पर बैठने से मना किया था, लेकिन मैंने अपनी मां के फैसले के खिलाफ जाकर इस भ्रष्ट सिस्टम से लड़ने का फैसला किया है. जब सालों-साल मेहनत करने के बाद भी परीक्षा सेंटर पर जाते ही पता चलता है कि पेपर लीक हो चुका है, तो ऐसी जिंदगी को सरकार ने पहले ही बर्बाद कर दिया है. अब हमें इस तानाशाह सरकार से कोई डर नहीं लगता. भले ही मेरी जान चली जाए या मेरी शहादत हो जाए, लेकिन जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मानती, हम अनशन से नहीं उठेंगे.
17वीं BPSC से लेकर दरोगा-BSCC भर्ती पर दागे गंभीर सवाल
जाह्नवी ने बिहार के परीक्षा तंत्र और चयन प्रक्रिया पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में ऐसी कोई परीक्षा नहीं बची है जो बिना पेपर लीक के पूरी हो जाए. 1799 दरोगा भर्ती हो या BPSC AEO की परीक्षा, हर तरफ धांधली का बोलबाला है. जाह्नवी ने दावा किया कि BPSC Mains में रैंक-3 हासिल करने वाले अभ्यर्थी की कॉपी खाली रहती है, फिर भी वह पास हो जाता है. वहीं कई ऐसे अधिकारी चुन लिए गए हैं जिन्हें अगस्त तक की सही स्पेलिंग नहीं आती. BSCC का नोटिफिकेशन पिछले 3 सालों से केवल कागजों पर आ रहा है, लेकिन परीक्षा की तारीख का कोई अता-पता नहीं है.
महिलाओं ने भी संभाला मोर्चा
गर्दनीबाग में अब छात्रों के साथ-साथ छात्राएं भी आगे आ रही हैं.. जाह्नवी ने कहा कि जब कलम से मेहनत करने के बावजूद युवाओं का भविष्य अंधकारमय किया जा रहा है, तो बिहार की महिला अभ्यर्थी भी अब खामोश नहीं बैठेंगी और इस सिस्टम को बदलकर ही मानेंगी.
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