बिहार की राजधानी पटना में छात्र संगठन 'आइसा' (AISA) के लोक भवन मार्च के दौरान जबरदस्त हंगामा देखने को मिला. नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा. इस पूरे घटनाक्रम के बीच पटना (पश्चिम) के सिटी एसपी आईपीएस संकेत कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक नई बहस को जन्म दे दिया है.
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"पीछे हटे तो नौकरी के लायक नहीं रहोगे"- संकेत कुमार
वायरल वीडियो में सिटी एसपी संकेत कुमार तनावपूर्ण माहौल के बीच मैदान में खड़े पुलिसकर्मियों को निर्देश देते हुए कह रहे हैं- "अगर पीछे हटे तो कल नौकरी के लायक नहीं बचोगे." एसपी के इस सख्त लहजे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी लाठियां लेकर हरकत में आते हैं और प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलना शुरू कर देते हैं. वीडियो के वायरल होते ही इंटरनेट पर इसे लेकर दो धड़े बन गए हैं.
भाषा पर उठे सवाल या जवानों का बढ़ाया मनोबल?
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं-
आलोचकों का तर्क: एक वर्ग का कहना है कि इतने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को पुलिस बल को इस तरह का कड़ा संदेश नहीं देना चाहिए था. इससे पुलिसकर्मियों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव बनता है और आक्रामक बल प्रयोग की संभावना बढ़ जाती है.
समर्थकों की राय: वहीं दूसरा पक्ष आईपीएस अधिकारी का बचाव कर रहा है. उनका कहना है कि स्थिति बेहद आक्रामक और तनावपूर्ण थी. ऐसे माहौल में अधिकारी केवल अपने जवानों का मनोबल बढ़ा रहे थे ताकि वे ड्यूटी से घबराकर पीछे न हटें.
कौन हैं IPS संकेत कुमार?
संकेत कुमार बिहार कैडर के 2022 बैच के आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं और मूल रूप से बिहार के ही रहने वाले हैं. सिविल सेवा में आने से पहले उन्होंने एनआईटी (NIT) पटना से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में एक वैज्ञानिक के रूप में भी सेवा दे चुके हैं. वर्तमान में वे पटना पश्चिम के सिटी एसपी के रूप में तैनात हैं.
गर्माया हुआ है छात्र आंदोलन का माहौल
उल्लेखनीय है कि देश भर में नीट पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है. जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद पटना में भी छात्रों ने आक्रामक रुख अपनाया. हालांकि वायरल वीडियो पर पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है.
पटना में छात्रों का पेपर लीक पर प्रदर्शन लेकिन वायरल शिक्षकों की चुप्पी क्यों ?
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