बिहार के पटना जिले में सरकारी शिक्षकों के लिए आवास भत्ता यानी HRA को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. जिला शिक्षा कार्यालय ने अलग-अलग नगर निकाय और क्षेत्र की श्रेणी के हिसाब से HRA की संशोधित दर लागू करने का निर्देश दिया है. इसका सीधा असर शिक्षकों की मासिक सैलरी पर पड़ सकता है. सबसे ज्यादा फायदा पटना नगर निगम क्षेत्र में पदस्थापित शिक्षकों को मिलेगा. यहां शिक्षकों को मूल वेतन का 20 प्रतिशत HRA दिया जाएगा. वहीं मोकामा नगर परिषद क्षेत्र में HRA की दर 10 प्रतिशत निर्धारित की गई है.
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किस शिक्षक को कितना HRA मिलेगा?
जारी निर्देश के मुताबिक पटना जिले में आवास भत्ता को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है.
- पटना नगर निगम क्षेत्र: मूल वेतन का 20 प्रतिशत HRA.
- मोकामा नगर परिषद क्षेत्र: मूल वेतन का 10 प्रतिशत HRA.
- अवर्गीकृत नगर निकाय क्षेत्र: मूल वेतन का 7.5 प्रतिशत HRA.
इन अवर्गीकृत क्षेत्रों में मनरे, बिहटा, विक्रम, पालीगंज, नौबतपुर, मसौढ़ी, पुनपुन, फतुहा, खुशरूपुर, बाढ़ और बख्तियारपुर समेत कई नगर निकाय शामिल हैं.
इसके अलावा अवर्गीकृत शहर से 8 किलोमीटर की दूरी के अंदर आने वाले विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षकों को 5 प्रतिशत HRA देने का प्रावधान बताया गया है.
सैलरी पर कितना असर पड़ेगा?
इसे आसान भाषा में समझें. HRA शिक्षक के मूल वेतन के आधार पर मिलता है. इसलिए जिस शिक्षक का मूल वेतन जितना ज्यादा होगा, HRA के रूप में मिलने वाली रकम भी उतनी ही ज्यादा होगी.
उदाहरण के लिए अगर किसी शिक्षक का मूल वेतन ₹40,000 है, तो पटना नगर निगम क्षेत्र में 20 प्रतिशत HRA के हिसाब से उसे ₹8,000 प्रति माह आवास भत्ता मिलेगा.
अगर इसी मूल वेतन पर 10 प्रतिशत HRA लागू है, तो आवास भत्ता ₹4,000 होगा. 7.5 प्रतिशत की दर पर यह ₹3,000 और 5 प्रतिशत की दर पर ₹2,000 होगा.
यानी शिक्षक की पदस्थापना वाली जगह के आधार पर HRA में काफी अंतर हो सकता है. अगर पहले कम दर से HRA मिल रहा था और अब संशोधित दर लागू होती है, तो शिक्षक की मासिक सैलरी में बढ़ोतरी हो सकती है.
जुलाई की सैलरी में दिख सकता है असर
जिला शिक्षा कार्यालय ने निर्देश दिया है कि जुलाई 2026 की अनुपस्थिति विवरणी में संशोधित HRA दर को शामिल किया जाए. इसका मतलब है कि जुलाई महीने के वेतन की गणना करते समय पात्र शिक्षकों के HRA की नई दर को ध्यान में रखा जाना है.हालांकि, इसका ये मतलब नहीं है कि हर शिक्षक की सैलरी अपने आप बढ़ जाएगी. बढ़ोतरी इस बात पर निर्भर करेगी कि शिक्षक किस क्षेत्र में पदस्थापित हैं, पहले उन्हें कितनी HRA दर मिल रही थी और संशोधित दर के तहत वे कितने प्रतिशत HRA के पात्र हैं.
8 किलोमीटर के दायरे वाले शिक्षकों को भी फायदा
निर्देश में नगर निकाय की सीमा से बाहर स्थित विद्यालयों के लिए भी नियम स्पष्ट किया गया है. अवर्गीकृत शहर से 8 किलोमीटर के दायरे में आने वाले विद्यालयों के शिक्षकों को 5 प्रतिशत HRA दिया जा सकता है.
वहीं पटना नगर निगम और मोकामा नगर परिषद की 8 किलोमीटर की परिधि में आने वाले विद्यालयों के लिए क्रमशः 20 प्रतिशत और 10 प्रतिशत की दर लागू होगी. इसके लिए संबंधित कार्यालय से स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा.
शिक्षकों के लिए सबसे जरूरी बात
इस पूरे आदेश का सबसे बड़ा असर उन शिक्षकों पर पड़ेगा जिनका HRA अभी सही श्रेणी के हिसाब से तय नहीं हुआ है. अगर किसी शिक्षक को पहले कम दर से HRA मिल रहा था और अब उसकी पदस्थापना वाली जगह के मुताबिक ज्यादा दर स्वीकृत होती है, तो उसके वेतन में HRA के रूप में बढ़ोतरी हो सकती है.
इसलिए पटना जिले के शिक्षकों को अपनी पदस्थापना वाली जगह, नगर निकाय की श्रेणी और लागू HRA दर की जानकारी अपने विद्यालय या संबंधित प्रखंड शिक्षा कार्यालय से जरूर जांच लेनी चाहिए.
सीधी बात: HRA बढ़ने का मतलब शिक्षक की कुल मासिक सैलरी में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन वास्तविक बढ़ोतरी हर शिक्षक के मूल वेतन और उसकी पदस्थापना वाले क्षेत्र पर निर्भर करेगी.
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