बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच प्रशांत किशोर ने शिक्षकों से जुड़े तीन बड़े वादे किए हैं. इनमें शिक्षकों के लिए सातवें वेतनमान की लड़ाई, वित्त रहित और वित्त पोषित शिक्षण संस्थानों की समस्याओं का समाधान और शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक काम लिए जाने को लेकर राज्य स्तर पर नियम बनाने की बात शामिल है.
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प्रशांत किशोर ने कहा है कि अगर जन सुराज के प्रत्याशी चुनाव जीतते हैं तो शिक्षकों के सम्मान और सातवें वेतनमान के मुद्दे को लेकर लड़ाई लड़ी जाएगी. उनका दावा है कि 2029 से पहले बिहार के शिक्षकों के लिए सातवें वेतनमान की मांग को लेकर संघर्ष किया जाएगा.
उनका दूसरा वादा वित्त रहित और वित्त पोषित विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों से जुड़ा है. प्रशांत किशोर के मुताबिक इन संस्थानों में शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान और समायोजन किया जाएगा.
तीसरा मुद्दा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने का है. प्रशांत किशोर ने कहा कि इसको लेकर राज्य स्तर पर एक मानक तैयार किया जाएगा. इसका उद्देश्य यह होगा कि स्थानीय स्तर के अधिकारी अपनी मर्जी से शिक्षकों को किसी भी गैर-शैक्षणिक काम में न लगा सकें.
प्रशांत किशोर ने अपने बयान में शिक्षकों से जाति और धर्म के बजाय अपने मुद्दों को ध्यान में रखकर प्रतिनिधि चुनने की अपील भी की. उन्होंने तिरहुत शिक्षक सीट से जन सुराज उम्मीदवार श्याम नंदन यादव का भी उल्लेख किया.
बिहार MLC चुनाव में जन सुराज के उम्मीदवार
बिहार की 8 विधान परिषद सीटों के चुनाव में जन सुराज ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारे हैं. पार्टी की मौजूदा सूची के मुताबिक उम्मीदवार हैं:
- पटना स्नातक - डॉ. अनुज सिंह
- पटना शिक्षक - डॉ. दिव्या ज्योति
- तिरहुत स्नातक - डॉ. विमोहन कुमार सिंह
- तिरहुत शिक्षक - श्याम नंदन यादव
- दरभंगा स्नातक - डॉ. मोहम्मद इम्तियाज नूरानी
- दरभंगा शिक्षक - डॉ. एसपी राय
- सारण शिक्षक - आफाक अहमद
- कोसी स्नातक - डॉ. रजनीश रंजन
बिहार MLC चुनाव में कुल 8 सीटों पर मुकाबला है. इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी.
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