बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज के संस्थापक और नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने बिहार तक से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने अपनी चुनावी रणनीति, भाजपा की हार, सम्राट चौधरी, स्थानीय विकास और बिहार की राजनीति को लेकर कई बड़े बयान दिए.
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प्रशांत किशोर ने कहा कि वो पहली बार विधायक बने हैं, लेकिन जनता ने उन्हें सिर्फ चुनाव जिताने के लिए नहीं, बल्कि बदलाव की उम्मीद के साथ विधानसभा भेजा है. उन्होंने कहा कि विधानसभा में उनकी आवाज अकेले की नहीं होगी, बल्कि बांकीपुर की जनता की होगी.
'एक आदमी नहीं, उसके पीछे जनता खड़ी हो तो बदलाव संभव है'
जब उनसे पूछा गया कि एक विधायक क्या बदलाव ला सकता है, तो उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि एक व्यक्ति भी बड़ा परिवर्तन ला सकता है, अगर उसके पीछे जनता का समर्थन हो.
उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन की ताकत व्यक्ति नहीं, बल्कि उसके साथ खड़ी जनता होती है. अगर लोग साथ खड़े हो जाएं तो एक आवाज भी व्यवस्था को बदल सकती है.
बांकीपुर की जनता से किए चार बड़े वादे
प्रशांत किशोर ने कहा कि वह जनता से बड़े-बड़े दावे नहीं कर रहे हैं, लेकिन चार बातों की गारंटी जरूर देते हैं.
उनके मुताबिक
- विधायक के रूप में वह भ्रष्टाचार नहीं करेंगे.
- उनके व्यवहार और चरित्र से जनता को शर्मिंदा नहीं होना पड़ेगा.
- शिक्षा व्यवस्था सुधारने की कोशिश करेंगे.
- अगले 20 वर्षों के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे.
उन्होंने कहा कि जनता को कम से कम इतना भरोसा होना चाहिए कि उनका विधायक ईमानदारी से काम करेगा.
BJP अहंकार की वजह से हारी- प्रशांत
प्रशांत किशोर ने भाजपा की हार का सबसे बड़ा कारण अहंकार बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं में ये धारणा बन गई थी कि उम्मीदवार कोई भी हो, लोग पार्टी के नाम पर वोट दे देंगे. इसी सोच ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने कहा कि जनता किसी भी उम्मीदवार की योग्यता, समाज के प्रति योगदान और काम भी देखती है. सिर्फ पार्टी के नाम पर हमेशा चुनाव नहीं जीता जा सकता.
तीसरा विकल्प मिलने से बदला चुनाव- प्रशांत
प्रशांत किशोर ने कहा कि इस चुनाव की सबसे बड़ी उपलब्धि ये रही कि बिहार की जनता को पहली बार भाजपा और राजद के अलावा एक मजबूत तीसरा विकल्प मिला.उन्होंने दावा किया कि पहले लोग मजबूरी में किसी एक दल को वोट देते थे, लेकिन इस बार बड़ी संख्या में मतदाताओं ने जन सुराज को चुना. उन्होंने कहा कि जाति और धर्म से ऊपर उठकर लोगों ने मतदान किया. यही वजह रही कि भाजपा 400 से अधिक बूथों पर पीछे रह गई.
तीन मुद्दों पर BJP को घेरा
प्रशांत किशोर ने कहा कि पूरे चुनाव में उन्होंने भाजपा के सामने तीन बड़े सवाल रखे.
- उन्होंने कहा कि यदि लोग बेहतर नेतृत्व चाहते हैं तो भाजपा को हराकर संदेश देना जरूरी है.
- उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक अहंकार का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी यह मानकर चल रही थी कि लोग किसी भी हाल में उसी को वोट देंगे.
- उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा के विधायक और सांसद अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के बजाय केवल बड़े नेताओं के नाम पर वोट मांगते रहे. उनका दावा था कि भाजपा इन सवालों का प्रभावी जवाब नहीं दे सकी.
सम्राट चौधरी पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री पद को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर बिहार में विकास नहीं हो रहा है, नालियां जाम हैं, सड़कें खराब हैं और प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर है, तो इसकी जवाबदेही राज्य सरकार और उसके नेतृत्व की बनती है.उन्होंने कहा कि जनता एक बार संदेश देती है. अगर उस संदेश को नजरअंदाज किया जाएगा तो भविष्य में और बड़े राजनीतिक परिणाम सामने आ सकते हैं.
'बिहार में गमछे की नहीं, शिक्षा और रोजगार की राजनीति हो'
बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में असली बहस शिक्षा, रोजगार, उद्योग, पलायन और विकास पर होनी चाहिए.उन्होंने कहा कि लोगों को रंग, पहचान और प्रतीकों की राजनीति से बाहर निकलकर विकास के मुद्दों पर मतदान करना चाहिए.
ये जीत सिर्फ एक सीट की नहीं है- प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर की जीत सिर्फ एक विधानसभा सीट की जीत नहीं है.उनके मुताबिक इस चुनाव ने पूरे बिहार को यह संदेश दिया है कि अगर जनता एकजुट होकर विकल्प चुन ले, तो सबसे मजबूत मानी जाने वाली राजनीतिक पार्टी को भी हराया जा सकता है.उन्होंने कहा कि ये जीत आने वाले चुनावों के लिए भी एक बड़ा राजनीतिक संदेश है.
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