'नीतीश का जाना तय था, अब बिहार का CM वही बनेगा जिसे...', इस्तीफे की खबरों पर प्रशांत किशोर का बड़ा हमला

प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे को पहले से तय बताते हुए कहा कि उन्हें केवल एक 'मुखौटे' के रूप में इस्तेमाल किया गया.

Prashant Kishore on Nitish Kumar
प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर कसा तंज(फाइल फोटो)

अनिकेत कुमार

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बिहार की सियासत में मचे घमासान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की खबरों के बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने तीखा हमला बोला है. प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ना कोई नई खबर नहीं है, बल्कि यह तो चुनाव से पहले ही तय था. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अब शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम नहीं हैं और उन्हें केवल एक 'मुखौटे' की तरह इस्तेमाल किया गया.

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'गुजरात होगी नए मुख्यमंत्री की प्राथमिकता'

प्रशांत किशोर ने आने वाले नए मुख्यमंत्री को लेकर भी बड़ी भविष्यवाणी की है. उन्होंने कहा कि अब बिहार का मुख्यमंत्री वह बनेगा जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह चाहेंगे. पीके ने आरोप लगाया कि नया सीएम बिहार के बजाय गुजरात के हितों का ध्यान रखेगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "जो भी नया मुख्यमंत्री बनेगा, उसकी प्राथमिकता यह होगी कि बिहार के करोड़ों युवा गुजरात की फैक्ट्रियों में 10-12 हजार की मजदूरी करते रहें, ताकि वहां के उद्योगपतियों को सस्ता मजदूर मिलता रहे."

'जनता के साथ हुआ बड़ा धोखा'

प्रशांत किशोर ने एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय नीतीश कुमार के नाम को भुनाया गया, लेकिन सत्ता हाथ में आते ही उन्हें किनारे किया जा रहा है. उन्होंने मतदाताओं को भी आईना दिखाते हुए कहा कि जब लोग जाति, धर्म और पैसों के दम पर वोट देंगे, तो ईमानदार सरकार की उम्मीद करना बेकार है. पीके ने कहा कि बिहार में चाहे कोई भी मुख्यमंत्री बन जाए, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, बदहाल शिक्षा और पलायन की समस्या खत्म होने वाली नहीं है.

'1 करोड़ रोजगार का वादा महज छलावा'

एनडीए द्वारा किए गए 1 करोड़ रोजगार के वादे पर सवाल उठाते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले छह महीनों में कुछ नहीं बदला है. बिहार के युवा आज भी दूसरे राज्यों में हादसों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन सरकार के पास उनके लिए कोई संवेदना नहीं है. उन्होंने अंत में कहा कि जब तक बिहार की जनता अपने बच्चों के भविष्य के लिए वोट नहीं करेगी, तब तक कोई भी नेता या दल उनकी तकदीर नहीं बदल सकता.

 

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