बिहार की राजनीति में मचे घमासान के बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और राज्यसभा जाने की खबरों पर तीखा हमला बोला है. पीके ने दावा किया है कि नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ना कोई अप्रत्याशित घटना नहीं है, बल्कि यह उन्होंने बहुत पहले ही बता दिया था. प्रशांत किशोर ने एक बार फिर बिहार के भविष्य को लेकर डराने वाली भविष्यवाणियां की हैं.
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नीतीश अब जिम्मेदारी संभालने लायक नहीं रहे
प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार की शारीरिक और मानसिक स्थिति पिछले डेढ़ साल से ऐसी नहीं है कि वह बिहार जैसे राज्य के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें. पीके ने तंज कसते हुए कहा, "जिस नेता के पास 202 विधायकों का समर्थन हो, वह पद छोड़कर राज्यसभा क्यों जा रहा है? यह बहुमत जनता की लोकप्रियता का नहीं, बल्कि खरीदा हुआ 'मैन्युफैक्चर्ड' बहुमत है."
रिमोट कंट्रोल होगा मोदी-शाह के पास
अगले मुख्यमंत्री को लेकर पीके ने भविष्यवाणी की कि बिहार की कमान अब उसी के हाथ में होगी जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह चाहेंगे. उन्होंने कहा कि नए मुख्यमंत्री की प्राथमिकता बिहार का सुधार नहीं, बल्कि गुजरात का विकास होगा. पीके के अनुसार, बिहार का उपयोग केवल गुजरात की फैक्ट्रियों के लिए सस्ते मजदूर उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा.
जनता को सुनाई खरी-खरी
प्रशांत किशोर ने बिहार की जनता और मतदाताओं को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने 100 या 10 हजार रुपये के लालच में अपना वोट बेचा है, उन्हें अब बेहतर शिक्षा, रोजगार या पलायन रुकने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. पीके ने कहा, "आपने अपने बच्चों का चेहरा देखकर नहीं, बल्कि मोदी और नीतीश का चेहरा देखकर वोट दिया है, इसलिए उनके बच्चे राजा बनेंगे और आपके बच्चे मजदूर."
पलायन और बेरोजगारी पर बड़ा दावा
पीके ने भविष्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार कम नहीं होगा और न ही पलायन रुकेगा. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जिन महिलाओं ने पैसे लेकर वोट दिया है, वे अब अपने पति और बच्चों का चेहरा केवल छठ पूजा पर ही देख पाएंगी, क्योंकि रोजगार के लिए उन्हें बाहर जाना ही पड़ेगा.
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