Bankipur By Election: NEET पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. 20 जुलाई से संसद मार्च के ऐलान के बीच, ढाई दिनों से अनशन पर बैठे सीजेपी के अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है. इस बीच अब पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने जेपी नड्डा से मुलाकात की है. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने अपनी अपनी मांगें बता दी हैं. इसमें धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफ़ा या उन्हें पद से हटाना शामिल है.
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सोनम वांगचुक को लेकर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
इस गर्माते माहौल के बीच एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को लेकर जब जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर का बयान सामने आया है. मामले पर बालते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जब देश के भीतर लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज कमजोर पड़ने लगती है तब इस प्रकार के आंदोलन और घटनाएं सामने आती हैं.
सोनम वांगचुक को अपना मित्र बताते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "मैं उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना करता हूं. पिछले कुछ दिनों से उनसे बात नहीं हो सकी है, लेकिन पूर्व में हमारी चर्चा हुई थी. उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनावी अभियानों से मुक्त होंगे मैं उनसे मुलाकात करूंगा." उन्होंने कहा कि जब लाखों बच्चों का भविष्य अधर में लटका हो तो जनता का विरोध प्रदर्शन होना स्वाभाविक है.
बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी के गढ़ में प्रशांत किशोर की सीधी चुनौती
बता दें कि प्रशांत किशोर इस समय बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में जन सुराज के अधिकृत उम्मीदवार के तौर पर खुद चुनावी मैदान में हैं. यहां उनका सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के नीरज सिन्हा और आरजेडी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता से है. बांकीपुर सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी. इस सीट पर 30 जुलाई को वोटिंग होनी है. इसके नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे.
इस सीट को बीजेपी का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन प्रशांत किशोर का दावा है कि इस बार बांकीपुर की जनता ने बदलाव का पूरा मन बना लिया है. उन्होंने कहा कि हर जाति, धर्म और विचारधारा के लोग इस बार जन सुराज की मदद कर रहे हैं.
"यह बीजेपी के अहंकार को तोड़ने का चुनाव है"-पीके
प्रशांत किशोर ने सत्ताधारी दल पर हमला बोलते हुए कहा कि बांकीपुर का यह उपचुनाव सिर्फ एक नया विधायक चुनने के लिए नहीं है, बल्कि यह बिहार में सम्राट चौधरी से बेहतर मुख्यमंत्री चेहरा सामने लाने का जरिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने पहले यह मान लिया था कि वे किसी को भी खड़ा कर दें, जनता उन्हें ही वोट देगी. लेकिन आज जन सुराज की ताकत के कारण बीजेपी के केंद्रीय मंत्री और देश भर के नेता यहां की गलियों में घूमने को मजबूर हैं.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन मतदाताओं के घर पहले वार्ड पार्षद तक नहीं जाते थे, आज वहां केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय जैसे नेता चक्कर काट रहे हैं. प्रशांत किशोर के अनुसार, यही जन सुराज की असली ताकत है, जो नेताओं को जनता के दरवाजे तक खींच लाई है. उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी ने पूरे बिहार से करीब 6000 कार्यकर्ताओं को जुटाया है और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी यहीं डेरा डाले हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद इस सीट पर बीजेपी की हार निश्चित है.
हमले की अफवाहों और नए टैक्स पर दी प्रतिक्रिया
चुनाव प्रचार के दौरान खुद पर हुए कथित हमले की अफवाहों को खारिज करते हुए प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उन पर कोई व्यक्तिगत हमला नहीं हुआ है. एक चुनावी जनसभा के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने भीड़ पर एक पत्थर फेंक दिया था, जो कि एक बेहद छोटी और मामूली घटना है. उन्होंने इसे विरोधियों की घबराहट का संकेत बताया. वहीं, खजाना खाली होने और गांवों में संभावित नए टैक्स को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जब 10-10 हजार रुपये में वोट खरीदे जाएंगे, तो खजाना खाली होने पर टैक्स तो लगेगा ही.
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