दिल्ली के बाद बिहार में आंदोलन की तैयारी? प्रशांत किशोर बोले, सीजेपी के लोग बिहार आएं तो स्वागत

आशीष अभिनव

26 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 26 2026 1:38 PM)

प्रशांत किशोर ने छात्र आंदोलन, सीजेपी और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया. जानिए बिहार, विपक्ष और आगे की रणनीति पर उनका क्या कहना है.

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Prashant Kishior on student Protest
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न्यूज़ हाइलाइट्स

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प्रशांत किशोर ने आंदोलन को बदलते राजनीतिक माहौल से जोड़कर देखा

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बिहार में CJP का स्वागत करेंगे- प्रशांत किशोर

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छात्रों के दवाब में धर्मेंद्र प्रधान को देना पड़ा इस्तीफा- प्रशांत

जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने छात्र आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर सीजेपी के लोग बिहार आते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा. प्रशांत किशोर ने कहा कि जो जंतर मंतर पर और पटना में प्रोटेस्ट हुआ है उसने सत्ता पक्ष को आईना दिखाया है.

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धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले प्रशांत

प्रशांत किशोर ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को भी बड़ा संकेत बताया. प्रशांत किशोर के मुताबिक इससे यह साफ होता है कि इस देश में विपक्षी दल कमजोर हो सकते हैं, लेकिन विपक्ष नहीं. उनका कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और यह रुकने वाला नहीं है.

बांकीपुर उपचुनाव को लेकर भी बोले PK

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर इस सीट से चुनाव मैदान में हैं और लगातार चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं. इसी दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ने अपने गढ़ को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बीजेपी ने बांकीपुर उपचुनाव के लिए अपने कई बड़े नेताओं को मैदान में उतार दिया है. उन्होंने कहा, "हमारे लिए यही सबसे बड़ी लोकतांत्रिक जीत है कि आज हमारी वजह से बीजेपी के नेता गली-गली जाकर प्रचार करने को मजबूर हैं.

PK ने किया तेजप्रताप का समर्थन

उन्होंने तेज प्रताप यादव के समर्थन का भी जिक्र किया. प्रशांत किशोर ने कहा कि तेज प्रताप यादव ने जन सुराज को समर्थन दिया, लेकिन उसी रात उन्हें जेल भेज दिया गया। इसे उन्होंने राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए.

छात्रों को लेकर क्या बोले PK?

छात्र आंदोलन और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जब जनता एकजुट होकर खड़ी होती है तो सरकार को झुकना पड़ता ह. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह जवाबदेही (Accountability) की शुरुआत है. उनके मुताबिक, जनता के दबाव और आंदोलन के कारण तीन दिनों के भीतर धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना पड़ा, जो लोकतंत्र में जनशक्ति की अहम भूमिका को दर्शाता है.