बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर की राजनीतिक यात्रा अब एक नए पड़ाव पर पहुंच गई है. बांकीपुर उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा में विधायक के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली. विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने उन्हें विधायक पद की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण के साथ ही प्रशांत किशोर की चुनावी राजनीति अब औपचारिक तौर पर विधानसभा के भीतर पहुंच गई है.
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प्रशांत किशोर शपथ लेने के बाद क्या बोले?
शपथ लेने के बाद प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा के इतिहास और वहां से जुड़े बड़े राजनीतिक चेहरों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जिस सदन के सदस्य श्री बाबू, अनुग्रह नारायण सिंह, कर्पूरी ठाकुर, नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, रामविलास पासवान और सुशील कुमार मोदी जैसे नेता रहे हैं, उस सदन का सदस्य बनकर शपथ लेना उनके लिए गौरव की बात है. प्रशांत किशोर ने कहा कि यह उनके लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है.
प्रशांत किशोर की चुनौती
बांकीपुर उपचुनाव प्रशांत किशोर के लिए बेहद अहम राजनीतिक परीक्षा थी. पहली बार चुनावी मैदान में उतरने के बाद उन्होंने बांकीपुर से जीत हासिल की और विधानसभा तक पहुंचने में कामयाब रहे. इस जीत के बाद बिहार की सियासत में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं. अब विधायक के तौर पर शपथ लेने के बाद उनके सामने विधानसभा में अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी.
राजनीतिक सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि
प्रशांत किशोर लंबे समय तक चुनावी रणनीतिकार के तौर पर देश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं. हालांकि, बाद में उन्होंने खुद चुनावी राजनीति में उतरने का फैसला किया और जन सुराज के जरिए बिहार में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश शुरू की. बांकीपुर उपचुनाव में जीत को इसी राजनीतिक सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है.
विधानसभा के अंदर प्रशांत किशोर की भूमिका पर सबकी नजर
अब विधानसभा के अंदर प्रशांत किशोर की भूमिका पर सबकी नजर रहेगी. चुनाव प्रचार के दौरान रोजगार, शिक्षा, विकास और बिहार के युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर उन्होंने अपनी बात रखी थी. ऐसे में देखना होगा कि विधायक बनने के बाद वे इन मुद्दों को सदन में किस तरह उठाते हैं.
जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की जिम्मेदारी
शपथ ग्रहण के बाद प्रशांत किशोर के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी बांकीपुर की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की होगी. विधानसभा में उनकी मौजूदगी बिहार की राजनीति में एक नए तरह की बहस को जन्म दे सकती है. अब तक चुनावी मंचों से अपनी बात रखने वाले प्रशांत किशोर पहली बार सदन के भीतर अपनी आवाज उठाएंगे.
राजनीतिक यात्रा का नया अध्याय शुरू
बांकीपुर से शुरू हुई प्रशांत किशोर की चुनावी पारी अब बिहार विधानसभा तक पहुंच चुकी है. विधायक पद की शपथ के साथ उनकी राजनीतिक यात्रा का नया अध्याय शुरू हो गया है और आने वाले समय में सदन के अंदर उनका अंदाज और उनकी भूमिका बिहार की सियासत में कितना असर डालती है, इस पर सबकी नजर रहेगी.
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