बिहार में भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है. अपने क्षेत्र की जनसमस्याओं को उठाने वाले युवा भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद पूरा गांव सदमे और आक्रोश में है. बुधवार को भरत तिवारी के पैतृक गांव में एक विशाल महापंचायत बुलाई गई, जिसमें पूरे गांव के लोग पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए एकजुट हुए. इस महापंचायत की सबसे भावुक और चर्चा में रहने वाली तस्वीर तब सामने आई, जब जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) भी वहां पहुंचे.
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महापंचायत में उमड़ा जनसैलाब
भरत तिवारी की मौत के बाद से ही गांव के लोग पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं और इसे एक 'फर्जी एनकाउंटर' बता रहे हैं. महापंचायत में शामिल लोग हाथों में भरत तिवारी का अस्थि कलश लेकर बैठे नजर आए. गांव वालों का साफ कहना है कि जब तक भरत तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता, उनकी आवाज दबने वाली नहीं है. अब इस मामले को लेकर दिल्ली में भी एक बड़े महाआंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है.
पीड़ित मां से मिलकर भावुक हुए प्रशांत किशोर
महापंचायत में पहुंचे प्रशांत किशोर काफी भावुक नजर आए और उनकी आंखें नम हो गईं. उन्होंने भरत तिवारी की रोती-बिलखती मां और पूरे परिवार से मुलाकात की. प्रशांत किशोर ने कहा कि परिवार को किसी भी तरह की आर्थिक मदद, घर या नौकरी का लालच नहीं चाहिए.
प्रशांत किशोर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "भरत तिवारी की मां यहां खड़ी हैं. बहुत सारे लोग इनके पास आ रहे हैं, कोई पैसे की बात कर रहा है तो कोई घर बनवाने की. लेकिन इन्होंने मुझसे साफ कहा है कि इन्हें पैसा, घर या नौकरी नहीं चाहिए. इन्हें सिर्फ और सिर्फ अपने बच्चे के लिए न्याय चाहिए."
नीतीश सरकार और सीएम सम्राट चौधरी को घेरा
प्रशांत किशोर ने इस मामले में सीधे बिहार सरकार, सीएम सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला. पीके ने आरोप लगाया कि सरकार पहले इस पूरे मामले को दबाना और मिसहैंडल करना चाहती थी, लेकिन जब समाज और जनता का भारी दबाव बना, तो अब छोटे-मोटे अधिकारियों की बलि चढ़ाकर अपनी जान बचाने की कोशिश की जा रही है.
प्रशांत किशोर ने कहा, "न्याय का मतलब सिर्फ यह नहीं है कि यहां के थानेदार को सस्पेंड कर दिया जाए या किसी डीएसपी पर एक्शन ले लिया जाए. न्याय तब होगा जब उन लोगों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने गोली चलाने के आदेश दिए थे. बिहार के मुख्यमंत्री ने अभी तक पीड़ित परिवार के लिए संवेदना का एक शब्द भी नहीं बोला है." पीके ने आगे कहा कि जन सुराज और बिहार के नागरिक होने के नाते वे पूरी ईमानदारी के साथ इस पीड़ित परिवार के हक की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं.
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