बिहार की सबसे वीवीआईपी बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया है. बीजेपी के 31 साल पुराने अभेद्य किले को ढहाते हुए प्रशांत किशोर ने 19,324 वोटों के बड़े अंतर से चुनाव जीता. पीके को कुल 64,151 वोट मिले.
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प्रशांत किशोर की इस ऐतिहासिक जीत पर मनीष कश्यप का बड़ा बयान सामने आया है. मनीष कश्यप ने कहा कि बांकीपुर की जनता ने जातीय समीकरणों को ध्वस्त कर बिहार में बदलाव का नया बीज बो दिया है.
31 साल बाद बीजेपी का गढ़ ढहा
बांकीपुर सीट को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और उनके पिता लगातार इस सीट पर काबिज रहे हैं.
मनीष कश्यप ने कहा कि बांकीपुर सीट पर जहां विपक्ष की जमानत जब्त हो जाती थी, वहां 31 साल बाद बीजेपी का किला ध्वस्त हुआ है. 2025 में चनपटिया का किला ध्वस्त हुआ था और अब बांकीपुर में जनता ने क्रांति कर दी है. साम-दाम-दंड-भेद और पुलिस के जरिए कार्यकर्ताओं को उठाने के बावजूद जन सुराज और बांकीपुर की जनता डटी रही.
'अब विधानसभा में असली मुद्दों पर होगी चर्चा'
मनीष कश्यप ने कहा कि प्रशांत किशोर की जीत के बाद अब बिहार विधानसभा का माहौल पूरी तरह बदलने वाला है. उन्होंने कहा कि अब विधानसभा में यह चर्चा नहीं होगी कि कौन किस जात का है या कौन क्या लिखेगा. अब प्रशांत किशोर सत्ता पक्ष को इस बात पर मजबूर करेंगे कि बिहार का विकास किस रास्ते से आगे बढ़ेगा. अब बिहार में असली विपक्ष जन सुराज बन चुका है. बाकी तथाकथित विपक्षी नेता तो यूरोप में छुट्टियां मना रहे हैं.
RJD पूरी तरह साफ
इस उपचुनाव में बांकीपुर से कुल 25 प्रत्याशी मैदान में थे. मुख्य मुकाबला बीजेपी के नीरज कुमार (नीरज सिन्हा) और जन सुराज के प्रशांत किशोर के बीच रहा. वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की स्थिति पर चुटकी लेते हुए मनीष कश्यप ने कहा कि आरजेडी को महज 10-12 हजार वोट ही मिल सके और वह दौड़ से पूरी तरह बाहर रही.
मनीष कश्यप ने जन सुराज कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी की हार का मजाक न उड़ाएं और अमर्यादित भाषा का प्रयोग न करते हुए बिहार के विकास के संकल्प को आगे बढ़ाएं.
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