Prince Yadav Death Case: प्रिंस यादव मौत मामले में बड़ा खुलासा, क्या पोस्टमार्टम में हुई बड़ी लापरवाही? उठ रहे कई सवाल

ऋचा शर्मा

• 02:28 PM • 21 Jun 2026

Prince Yadav Death Case: रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत के मामले में नया खुलासा सामने आया है. पोस्टमार्टम प्रक्रिया में कथित लापरवाही, महज 20 मिनट में जांच पूरी करने के आरोप और दोस्तों के बदलते बयानों ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. जानिए क्या विसरा रिपोर्ट से सामने आएगा मौत का असली सच.

Prince Yadav Death Case Update
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रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत का रहस्य लगातार गहराता जा रहा है. हत्या, साजिश और दबाव के गंभीर आरोपों के बीच अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पर उठने लगा है. जिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की असली वजह का खुलासा होना था, अब उसी को लेकर यह आशंका जताई जा रही है कि क्या इसमें इतनी बड़ी लापरवाही हुई है जिससे सच तक पहुंचना ही मुश्किल हो जाए. नेपाल में डॉक्टरों, वकीलों, पत्रकारों और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स से बातचीत के बाद इस पूरे मामले में कई चौंकाने वाले नए सवाल खड़े हो गए हैं.

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नेपाल के होटल में मिली थी लाश, खान सर कोचिंग हमले से जुड़ा था कनेक्शन

बीते 13 जून को नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में प्रिंस यादव का शव मिलने के बाद से ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी. गौरतलब है कि प्रिंस यादव 2 जून को मशहूर शिक्षक खान सर की कोचिंग पर हुए हमले के मामले में नामजद आरोपी था. कोचिंग पर हमले की एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही वह पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने कुछ दोस्तों के साथ नेपाल में छिपा हुआ था. मौत के बाद यह पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम सबसे अहम कड़ी थी कि यह प्राकृतिक मौत है, आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई बड़ी हत्या की साजिश है.

2 घंटे का पोस्टमार्टम सिर्फ 20 मिनट में निपटाने का आरोप

नेपाल के अस्पताल से जुड़े डॉक्टरों और विशेषज्ञों के दावों ने इस मामले को और संदिग्ध बना दिया है. आमतौर पर किसी भी संदिग्ध मौत के मामले में विस्तृत पोस्टमार्टम करने में कम से कम 1 से 2 घंटे का समय लगता है, लेकिन प्रिंस यादव के मामले में इस पूरी प्रक्रिया को महज 20 मिनट के भीतर ही निपटा दिया गया. दिल्ली के फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, संदिग्ध मौतों में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे हार्ट, फेफड़े, किडनी, लीवर और ब्लड का विस्तृत परीक्षण होना जरूरी होता है. आरोप है कि प्रिंस यादव के पोस्टमार्टम के दौरान न तो हार्ट खोला गया और न ही फेफड़ों की ठीक से जांच की गई, जिससे मौत के कारणों का कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकल सका.

फॉरेंसिक एक्सपर्ट की जगह सामान्य डॉक्टर से कराया पोस्टमार्टम

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेपाल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने दावा किया है कि शव की स्थिति को देखकर ही मामला पूरी तरह संदिग्ध लग रहा था. इसके बावजूद अस्पताल में फॉरेंसिक विशेषज्ञ की मौजूदगी सुनिश्चित नहीं की गई और एक सामान्य डॉक्टर से ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करा दी गई. डॉक्टरों का यह भी कहना है कि पुलिस और परिजनों के भारी दबाव के कारण इस पूरी प्रक्रिया में बेहद जल्दबाजी दिखाई गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी डॉक्टरों ने साफ तौर पर लिख दिया है कि मौत का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है और इसका वास्तविक खुलासा विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही संभव हो सकेगा.

दोस्तों के बदलते बयानों और भाई के आरोपों से उलझा मामला

इस पूरे मामले को और ज्यादा पेचीदा बनाने में प्रिंस यादव के साथ मौजूद उसके दोस्तों के बयानों ने बड़ी भूमिका निभाई है. शुरुआत में दोस्तों ने बयान दिया था कि वे सभी लोग प्रिंस के साथ ही थे और तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल लेकर गए थे. हालांकि, बाद में उन्होंने अपना बयान बदलते हुए कहा कि कुछ लोग घटना के समय जोगबनी चले गए थे. बयानों में इस विरोधाभास को देखते हुए नेपाल पुलिस ने चार दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. 

दूसरी तरफ, प्रिंस के भाई रोशन आनंद लगातार इसे एक सोची-समझी हत्या बता रहे हैं और उन्होंने खान सर समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, हालांकि अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. अब इस पूरे मामले का सच विसरा रिपोर्ट में छिपा है, लेकिन शुरुआती पोस्टमार्टम में हुई लापरवाही के बाद यह बड़ा सवाल है कि क्या विसरा रिपोर्ट अकेले पूरा सच सामने ला पाएगी.

यहां देखें वीडियो

Prince Yadav Death Mystery: प्रिंस यादव की मौत में 5 बड़े किरदार! जानिए खान सर, चार दोस्त और नेपाल पुलिस की क्या है भूमिका