नेपाल के एक होटल में हुई प्रिंस यादव की मौत के बाद यह मामला लगातार गरमाता जा रहा है. सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ इस मौत को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं और लोग प्रिंस यादव के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं. इस पूरी घटना को लेकर किसी का दावा है कि यह सिर्फ एक सामान्य हादसा है, तो कोई इसे एक गहरा रहस्य बता रहा है. वहीं, परिवार का साफ तौर पर कहना है कि उनके बेटे की हत्या की गई है क्योंकि वह किसी भी तरह की कोई दवाइयां नहीं लेता था. प्रिंस यादव की मौत की इस गुत्थी को समझने के लिए इस पूरी कहानी के 5 सबसे अहम किरदारों की भूमिका और अब तक की जांच को समझना बेहद जरूरी है, जिनके इर्द-गिर्द यह पूरा मामला घूम रहा है.
ADVERTISEMENT
पहला किरदार: खुद प्रिंस यादव
इस पूरी कहानी के केंद्र में खुद प्रिंस यादव हैं, जो रोशन आनंद के छोटे भाई थे. बीते 2 जून को शुरू हुए एक कोचिंग विवाद के बाद अचानक पूरा घटनाक्रम तेजी से बदला और इसके बाद नेपाल के एक होटल से प्रिंस यादव की मौत की खबर सामने आई. इस मौत के बाद से ही लगातार कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर प्रिंस यादव अचानक नेपाल क्यों गए थे, अपने आखिरी समय में वह किसके साथ थे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई? फिलहाल इन सभी सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं और जांच लगातार जारी है. हालांकि, नेपाल पुलिस की तरफ से अभी तक इस पूरे मामले पर आधिकारिक रूप से कुछ भी साफ नहीं किया गया है.
दूसरा किरदार: भाई रोशन आनंद
प्रिंस यादव के भाई रोशन आनंद इस मामले के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण किरदार हैं. कोचिंग विवाद के दौरान उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा था और वे जेल तक पहुंच गए थे. इसी दौरान जेल में रहते हुए ही उन्हें अपने भाई प्रिंस की मौत की खबर मिली थी. जेल से बाहर आने के बाद रोशन आनंद ने अपने भाई की मौत को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस मामले में कुछ लोगों पर सीधे आरोप भी लगाए हैं, हालांकि उन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है.
तीसरा किरदार: प्रिंस यादव के चार दोस्त
इस मामले में प्रिंस यादव के दोस्त तीसरा और बेहद महत्वपूर्ण किरदार बनकर उभरे हैं, क्योंकि आखिरी वक्त में प्रिंस इन्हीं लोगों के संपर्क में थे. पुलिस की नजर इस वक्त उन चार दोस्तों पर टिकी हुई है जो प्रिंस के साथ नेपाल गए थे और घटना के समय उनके साथ मौजूद थे. इन दोस्तों का दावा है कि प्रिंस यादव दवाइयां लेते थे और उनकी मौत इसी वजह से हुई है. पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और इन दोस्तों के बयानों के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही है कि मौत से ठीक कुछ घंटे पहले आखिर क्या-क्या हुआ था, क्योंकि किसी भी रहस्यमयी मामले में आखिरी बार साथ रहने वाले लोगों की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है.
चौथा किरदार: खान सर
चर्चित शिक्षक खान सर इस पूरी कहानी के चौथे किरदार हैं, जिनका नाम इस विवाद के संदर्भ में लगातार सामने आ रहा है. दरअसल, रोशन आनंद और खान सर से जुड़े कोचिंग विवाद ने बिहार में काफी सुर्खियां बटोरी थीं और प्रिंस की मौत के बाद भी सोशल मीडिया पर इन दोनों नामों को जोड़कर कई तरह की चर्चाएं की जा रही हैं. भाई रोशन आनंद भी लगातार खान सर पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं. हालांकि, इन आरोपों को लेकर फिलहाल किसी भी तरह की आधिकारिक बात सामने नहीं आई है और न ही किसी संबंधी आरोप की पुष्टि हुई है.
पांचवां किरदार: नेपाल पुलिस
इस मामले को सुलझाने में पांचवां और सबसे अहम किरदार नेपाल पुलिस का है, जो घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची थी. नेपाल पुलिस, स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी इस वक्त मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच कर रहे हैं. सच्चाई तक पहुंचने के लिए होटल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स, होटल के रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार बनाया जा रहा है. पुलिस की यह जांच ही तय करेगी कि प्रिंस यादव की मौत की असली वजह क्या थी. फिलहाल हर किसी को प्रिंस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही इस बड़ी सच्चाई से पर्दा उठ सकेगा.
यहां देखें वीडियो
ADVERTISEMENT


