बेटी ने दूसरे समाज में की लव मैरिज, तो आहत पिता ने ढोल-बाजे के साथ निकाली जीते जी सांकेतिक अर्थी

सैय्यद अलमदार हुसैन रिजवी

18 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 18 2026 5:16 PM)

बिहार के पूर्णिया में अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज एक पिता ने जीते जी अपनी बेटी का पुतला बनाकर अर्थी निकाली और पूरे विधि-विधान से दाह संस्कार कर दिया. यह खौफनाक सामाजिक फैसला पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है.

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इस दौर में भी समाज से जातिगत सोच और सामाजिक बंदिशों की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसकी एक बानगी बिहार के पूर्णिया जिले में देखने को मिली. जहां एक प्रेमी जोड़े का अंतरजातीय विवाह लड़की के परिजनों को इस कदर नागवार गुजरा कि आहत पिता ने अपनी ही जीवित बेटी का पुतला बनाया, ढोल-बाजे के साथ उसकी सांकेतिक अर्थी निकाली और पूरे गांव के सामने दाह संस्कार कर दिया. यह अजीबोगरीब और खौफनाक फैसला पूरे क्षेत्र में कौतूहल और बहस का विषय बन गया है.

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प्रेम प्रसंग और घर से भागकर शादी

मामला पूर्णिया जिले के नगर प्रखंड अंतर्गत गंगेली पंचायत के चपई गांव का है. जानकारी के अनुसार, गांव के मनोज गोस्वामी की पुत्री रिया कुमारी का गांव के ही रहने वाले दिलीप पासवान के पुत्र मिलन पासवान के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था.  दोनों अलग-अलग समुदायों से ताल्लुक रखते थे, इसलिए लड़की का परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था. परिजनों के विरोध को देखते हुए प्रेमी जोड़े ने घर से भागकर शादी कर ली. 

ढोल-बाजे के साथ निकाली अर्थी, फिर दी मुखाग्नि

बेटी के इस कदम से लड़की का परिवार खुद को काफी अपमानित और आहत महसूस कर रहा था. आघात में डूबे पिता मनोज गोस्वामी और परिजनों ने समाज व ग्रामीणों की मौजूदगी में बेटी से हमेशा के लिए रिश्ता खत्म करने का सख्त फैसला लिया. परिजनों ने जीते जी बेटी का एक पुतला तैयार किया. इसके बाद बकायदा ढोल-बाजे के साथ पूरे गांव में पुतले की अर्थी घुमाई गई और गांव के बाहर ले जाकर मुखाग्नि देकर दाह संस्कार की रस्म निभाई गई. 

'ऐसी बेटी किसी के घर पैदा न हो' 

घटना के दौरान परिजनों का गुस्सा और दर्द दोनों साफ छलक रहा था. लड़की के रिश्तेदारों ने भारी मन से कहा, 'हमने बच्चे को पाल-पोसकर बड़ा किया, पढ़ाया-लिखाया, लेकिन उसने हमारा सिर नीचा कर दिया. भगवान करे ऐसी बेटी किसी के घर पैदा न हो.' सामाजिक परंपराओं और मान-सम्मान की बात कहते हुए परिजनों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस कड़े कदम से समाज को संदेश देने की कोशिश की है. 

गंभीर सामाजिक सवाल

इस पूरी घटना के बाद इलाके में सन्नाटा और चर्चा का दौर जारी है. घटना ने एक बार फिर यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या किसी बालिग लड़की का अपनी पसंद से साथी चुनना इतना बड़ा गुनाह है कि उसके अपने ही परिवार वाले जीते जी उसकी सांकेतिक अर्थी निकाल दें? 

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