मां ने जमीन बेचकर B.Ed कराया...राहुल गांधी के सामने छलका बिहार के TRE 4 अभ्यर्थी का दर्द

ऋचा शर्मा

• 01:36 PM • 09 Aug 2026

प्रयागराज में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में बिहार के TRE 4 अभ्यर्थी ने अपना दर्द साझा किया. अभ्यर्थी ने बताया कि उसकी मां ने जमीन बेचकर उसे B.Ed कराया. पिछले चार साल से शिक्षक भर्ती की नई वैकेंसी का इंतजार है. अभ्यर्थियों ने TRE 4 नोटिफिकेशन, रोजगार, भर्ती में देरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की परेशानियों का मुद्दा उठाया.

NewsTak
Google CTA

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रयागराज में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों से संवाद करने पहुंचे. इस कार्यक्रम में बिहार के शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने भी अपनी बात रखी. मंच से बिहार के युवाओं ने रोजगार को लेकर अपना दर्द सामने रखा.

Read more!

अभ्यर्थियों ने कहा कि पिछले चार साल से शिक्षक भर्ती की नई वैकेंसी का इंतजार है. TRE 4 को लेकर भी अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है. सितंबर में परीक्षा प्रस्तावित होने की चर्चा है. इसके बाद भी अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है.

बिहार के शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं की उम्र बढ़ रही है. परिवार पर पढ़ाई का खर्च बढ़ रहा है. इसके बाद भी सरकारी नौकरी की उम्मीद पूरी नहीं हो रही है.

'मेरी मम्मी ने जमीन बेचकर B.Ed कराया'

राहुल गांधी के सामने बिहार के एक शिक्षक अभ्यर्थी ने अपनी परेशानी बताई. उसने कहा कि उसकी मां ने जमीन बेचकर उसे B.Ed कराया. अब पिछले चार साल से शिक्षक भर्ती की नई वैकेंसी का इंतजार है.

अभ्यर्थी ने बताया कि वो पटना में रहकर पढ़ाई करता है. पढ़ाई और रहने पर हर महीने करीब 10 से 12 हजार रुपये खर्च होते हैं. परिवार के लिए लगातार ये खर्च उठाना आसान नहीं है.

उसने कहा कि B.Ed, PG और CTET जैसी योग्यता होने के बाद भी नौकरी नहीं मिल रही है. युवा का कहना था कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार का भरोसा नहीं है.

TRE 4 Notification का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी

बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी TRE 4 का इंतजार कर रहे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछली भर्ती के बाद से नई वैकेंसी का इंतजार लंबा होता जा रहा है.

TRE 4 की परीक्षा को लेकर सितंबर की चर्चा है. अभ्यर्थी अब नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं. उनका कहना है कि परीक्षा की तैयारी के लिए समय और सिलेबस से जुड़ी स्पष्ट जानकारी जरूरी है.

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे कई साल से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं. हर बार भर्ती की उम्मीद बनती है. फिर प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करना पड़ता है.

बिहार के युवाओं ने सुनाया संघर्ष का दर्द

कार्यक्रम में बिहार से जुड़े छात्रों ने रोजगार के साथ छात्र आंदोलनों का मुद्दा भी उठाया. छात्रों ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने पर पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ता है.

पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ से जुड़ी एक छात्रा ने भी छात्रों की स्थिति पर अपनी बात रखी. उसने कहा कि छात्र पढ़ाई करते हैं. परीक्षा की तैयारी करते हैं. पेपर लीक और भर्ती में देरी जैसी समस्याओं के बाद जब वे अपनी आवाज उठाते हैं तो उन्हें आंदोलन करना पड़ता है.

छात्रा ने कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने की जरूरत है. उन्हें डराने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए.

लाठीचार्ज और हिरासत का भी उठाया मुद्दा

कार्यक्रम में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया. छात्रों का आरोप है कि कई मौकों पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ पुलिस ने सख्ती की.

युवाओं ने कहा कि रोजगार की मांग करना उनका अधिकार है. अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है. छात्रों ने कहा कि उनकी आवाज दबाने के बजाय सरकार को भर्ती और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए.राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखते हुए छात्रों और अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका संघर्ष जारी रहेगा. वे रोजगार और अपने अधिकारों की मांग को लेकर पीछे नहीं हटेंगे.

बिहार के TRE 4 अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका मकसद सिर्फ नौकरी पाना नहीं है. वे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय पर परीक्षा चाहते हैं. अभ्यर्थियों ने कहा कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठाते रहेंगे. सरकार से भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की जाएगी.

राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या है

'छात्रों की गूंज' राहुल गांधी की ओर से छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों से संवाद का अभियान है. इसके जरिए युवाओं से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की कोशिश की जा रही है.

प्रयागराज के केपी ग्राउंड में हुए कार्यक्रम में पेपर लीक, बेरोजगारी, सरकारी भर्ती में देरी, नॉर्मलाइजेशन और महंगी शिक्षा जैसे मुद्दे उठे. राहुल गांधी ने युवाओं की समस्याओं पर बात करते हुए बेरोजगारी और शिक्षा के खर्च का मुद्दा उठाया. उन्होंने युवाओं की समस्याओं को लेकर सरकार पर सवाल भी खड़े किए.

Bihar के TRE 4 अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग क्या है ?

बिहार के शिक्षक अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की है. अभ्यर्थी चाहते हैं कि TRE 4 का नोटिफिकेशन जल्द जारी हो. उनका कहना है कि वर्षों की तैयारी के बाद अब उन्हें स्पष्ट जानकारी चाहिए. परीक्षा कब होगी. कितनी सीटें होंगी. आवेदन कब शुरू होगा. इन सवालों का जवाब अभ्यर्थी लंबे समय से तलाश रहे हैं.

TRE 4 को लेकर बिहार के हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर है. प्रयागराज में राहुल गांधी के मंच से बिहार के युवाओं की आवाज उठने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है.

अब देखना होगा कि सरकार TRE 4 को लेकर कब आधिकारिक घोषणा करती है. अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि लंबे इंतजार के बाद शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ेगी.