पटना के चर्चित शिक्षक खान सर और रोशन आनंद के बीच शुरू हुआ विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है. शिक्षक महकमे में मची खलबली के बीच अब एक के बाद एक कई शिक्षक खान सर के खिलाफ खुलकर सामने आने लगे हैं. बिपिन सर और राकेश यादव सर के बाद अब प्रसिद्ध शिक्षक रमांशु सर ने खान सर पर बेहद तीखा हमला बोला है. 'बिहार तक' से खास बातचीत में रमांशु सर ने खान सर पर फॉल्स पब्लिसिटी करने, झूठ बोलने और खुद को सही साबित करने के लिए बाकी शिक्षकों को बदनाम करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने यहां तक कह दिया कि खान सर हमसे डरते हैं और इस बार उनके पाप का घड़ा पूरी तरह भर चुका है.
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शिक्षक माफिया वाले बयान पर जताया कड़ा ऐतराज
रमांशु सर ने खान सर के उस बयान पर गहरी नाराजगी जताई जिसमें उन्होंने दूसरों को शिक्षा माफिया कहा था. रमांशु सर ने कहा कि खान सर एक मशहूर पॉडकास्ट में जाते हैं और लोकप्रियता बटोरने के लिए दावा करते हैं कि उनके खिलाफ शिक्षा माफिया सुप्रीम कोर्ट चले गए.
रमांशु सर ने खान सर की टीम की योग्यता पर सवाल उठाते हुए चुनौती दी कि अगर उनकी टीम इतनी ही काबिल है, तो वह 17वीं बीपीएससी परीक्षा के पहले या बाद का कोई एक ऐसा एग्जाम बता दें जिसमें उनका पढ़ाया हुआ एक भी प्रश्न आया हो. उन्होंने आरोप लगाया कि खान सर खुद को छोड़कर बाकी सभी शिक्षकों को शिक्षा माफिया घोषित कर देते हैं, जो कि पूरी तरह गलत है.
फॉल्स पब्लिसिटी और फर्जी अवॉर्ड का लगाया आरोप
बातचीत के दौरान रमांशु सर ने खान सर पर झूठ के सहारे इवेंट मैनेजमेंट करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि खान सर हर छह महीने में एक नया इवेंट तैयार करते हैं, चाहे वह रक्षाबंधन हो या शादी का माहौल, क्योंकि उन्हें सिर्फ एंटरटेनमेंट करना आता है. रमांशु सर ने दावा किया कि खान सर ने 17 बच्चों को स्टेज पर लाकर अधिकारी बनने का दावा किया, जबकि हकीकत यह है कि उन बच्चों का चयन भी नहीं हुआ था. इसके साथ ही उन्होंने खान सर को मिले 'बिहार केसरी' अवॉर्ड पर भी सवाल उठाए और उसे एक फर्जी अवॉर्ड की तरह प्रोजेक्ट करने का आरोप लगाया, ताकि जनता में बिना फैक्ट चेक किए उनकी झूठी वाहवाही हो सके.
रोशन आनंद विवाद की बताई पूरी इनसाइड स्टोरी
किसान कोल्ड स्टोरेज वाले विवाद और रोशन आनंद के साथ हुई झड़प को लेकर रमांशु सर ने खान सर के स्टाफ को घेरा. उन्होंने साफ कहा कि इस पूरे विवाद में रोशन आनंद की एक प्रतिशत भी गलती नहीं थी. यह लड़ाई खान सर के स्टाफ और रोशन आनंद के स्टाफ के बीच नहीं, बल्कि कोल्ड स्टोरेज के केयरटेकर के साथ थी, जो खान सर के समर्थन के घमंड में तना हुआ था.
रमांशु सर ने आरोप लगाया कि खान सर ने पहले आठ राउंड गोली चलने और उसे अपनी आंखों से देखने का दावा किया, लेकिन बाद में मुकर गए कि गोली चली ही नहीं. उन्होंने कहा कि अगर उस घटना का वीडियो सामने नहीं आया होता, तो खान सर अपनी पीआर टीम के दम पर रोशन आनंद को देश का सबसे बड़ा विलेन बनाकर जेल भिजवा चुके होते.
योग्यता पर उठाए सवाल, कहा- नहीं भरा कोई बड़ा फॉर्म
रमांशु सर ने खान सर की शैक्षणिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की योग्यता पर भी बड़े दावे किए हैं. उन्होंने कहा कि खान सर अक्सर झूठ बोलते हैं कि उन्होंने डिफेंस या एनडीए की परीक्षा पास की थी. रमांशु सर ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर खान सर ने कभी एनडीए, एसएससी सीजीएल या बीपीएससी का फॉर्म भी भरा हो, तो वह लाकर दिखा दें, वह मान जाएंगे. उन्होंने कहा कि खान सर मूल रूप से ग्रुप डी की तैयारी करने वाले व्यक्ति हैं, जो आज इंटरनेशनल इश्यूज, जीडीपी और देश-दुनिया के गंभीर मुद्दों पर ज्ञान बांटते फिरते हैं, जिसे देखकर बौद्धिक वर्ग हैरान रह जाता है.
पीआर टीम के दम पर हिटलर की थ्योरी चलाने का आरोप
खान सर की पीआर टीम को लेकर रमांशु सर ने कहा कि खान सर ने एक ऐसी टीम पाल रखी है जो उनके खिलाफ बोलने वाले हर व्यक्ति के पीछे पड़ जाती है. अगर कोई उनके खिलाफ सच बोलता है, तो पीआर टीम कमेंट बॉक्स में उसे गलत साबित करने में जुट जाती है. रमांशु सर ने खान सर की तुलना जर्मनी के तानाशाह हिटलर के मंत्री गोएबल्स की थ्योरी से की, जो कहता था कि एक झूठ को इतनी बार बोलो कि वह सच लगने लगे.
उन्होंने कहा कि भारत में अगर इस थ्योरी को किसी ने पूरी तरह लागू किया है, तो वह 'मिस्टर ग्लोबल मास्टर' ही हैं. रमांशु सर ने अंत में कहा कि औकात से ज्यादा मिल जाना बुरी बात नहीं है, लेकिन मिलने के बाद अपनी औकात भूल जाना सबसे बुरी बात होती है.
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पटना सिविल कोर्ट से खान सर को राहत, पुलिस की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार...वकील ने बताई पूरी बात!
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