रामकृपाल यादव ने पूछा था 'कौन हैं प्रशांत किशोर?' अब बनने जा रहे पड़ोसी

आशीष अभिनव

• 08:00 AM • 11 Aug 2026

मंत्री रामकृपाल यादव ने कभी पूछा था 'कौन हैं प्रशांत किशोर?' अब सियासत में ऐसा मोड़ आया है कि दोनों के पड़ोसी बनने की चर्चा है. पढ़िये पूरी खबर.

Prashant kishor ramkripal yadav
पड़ोसी बने PK और रामकृपाल
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बांकीपुर उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद प्रशांत किशोर की खूब चर्चा हो रही है. लेकिन इस बार उनको आवंटित हुए MLA फ्टैल को लेकर खूब चर्चा है. जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अब बांकीपुर के विधायक हैं. पटना के विधायक फ्लैट परिसर में उन्हें डुप्लेक्स आवास आवंटित हुआ है. जहां उनके नए पड़ोसी बिहार सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता रामकृपाल यादव बने हैं. चुनाव प्रचार के दौरान रामकृपाल यादव ने प्रशांत किशोर पर "कौन हैं प्रशांत किशोर और बाहरी व्यक्ति" कहकर सवाल उठाए थे, लेकिन अब विधायक बनने के बाद दोनों सियासी पड़ोसी बन गए हैं.

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प्रशांत किशोर को हुआ आवास आवंटन

नियम के अनुसार विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर को पटना में सरकारी आवास मिला है, जिसके आस-पास रामकृपाल यादव सहित अन्य नेताओं के आवास मौजूद हैं. अब इसको लेकर चर्चा शुरू है कि एक दूसरे पर तंज कसने वाले नेता पड़ोसी बनने जा रहे हैं. 

रामकृपाल यादव ने कसा तंज 

पड़ोसी बनने के बाद रामकृपाल यादव ने तंज कसते हुए कहा है कि प्रशांत किशोर अब उनके विधायक और पड़ोसी हैं. जरूरत पड़ने पर वे अपनी समस्याएं भी उनके पास लेकर जाएंगे, साथ ही उन्होंने बांकीपुर को बेंगलुरु बनाने के वादे को याद दिलाते हुए सहयोग का भरोसा दिया है. बता दें कि रामकृपाल यादव भी बांकीपुर के ही वोटर हैं. 

बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में शानदार जीत हासिल कर अपना पहला चुनावी मुकाबला जीता है. प्रशांत किशोर ने बीजेपी के उम्मीदवार नीरज सिन्हा को चुनावी मैदान में शिकस्त दिया. नीरज सिन्हा भी बीजेपी के टिकट पर पहली बार चुनाव लड़ रहे थे. 

बांकीपुर उपचुनाव ने दिया संदेश

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों ने एक नया सियासी संदेश दिया है. करीब 30 सालों तक भारतीय जनता पार्टी का मजबूत किला मानी जाने वाली इस सीट पर जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर अब पटना स्थित एमएलए आवास में शिफ्ट होने जा रहे हैं. कभी भाजपा नेता नितिन नवीन के कब्जे में रही इस सीट पर 19 हजार वोटों से ऐतिहासिक जीत हासिल कर प्रशांत किशोर ने बड़ा फेरबदल किया है. विधायक आवास में शिफ्ट होने के साथ ही वे उन नेताओं के पड़ोसी बन गए हैं, जो चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें पहचानने तक से इनकार कर रहे थे.