Bharat Ratna to Lalu Yadav: राष्ट्रीय जनता दल(RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को भारत रत्न देने की मांग हुई है. पटना में पोस्टर लगाकर इसकी मांग की गई है. ये पोस्टर आरजेडी दफ्तर समेत कई जगहों पर लगाया गया है. पोस्टर में लिखा गया है कि सामाजिक न्याय के नेता और बिहार के आवाज पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए. भारत सरकार से ये मांग आरजेडी नेता ने की है.
ADVERTISEMENT
आपको बता दें कि राजद अनुसूचित जाति के प्रदेश सचिव रंजीत रजक ने यह पोस्टर लगवाया है. राजद नेता का कहना है कि लालू प्रसाद यादव ने दबे कुचले समाज की आवाजों को बुलंद करने का काम किया है. उन्होंने कहा कि पहले संविधान होने के बाद भी हक की बात नहीं कर पाते थे. मगर, लालू प्रसाद यादव ने वंचित समाज को उठाने का काम किया.
बीजेपी ने ले ली मौज
लालू प्रसाद को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर बीजेपी भड़क उठी. पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि क्या भारत रत्न बिहार की कई पीढ़ियों को गर्दिश में धकेलने के लिए? क्या भारत रत्न बिहार की कई पीढ़ियों को बेघरबार करने के लिए? क्या भारत रत्न बिहार में अंधकार का साम्राज्य फैलाने के लिए? क्या भारत रत्न राज्य के उद्योगों पर ताला लगवाने के लिए? क्या भारत रत्न अपहरण को उद्योग का दर्जा दिलवाने के लिए? क्या भारत रत्न उद्योगपतियों को बिहार से बाहर खदेड़ने के लिए? क्या भारत रत्न दर्जनों नरसंहार करवाने के लिए? भारत रत्न की ऐसी कोई कैटिगरी अब तक नहीं बनी!
पार्टी प्रवक्ता ने आगे कहा कि, बिहार के महाविनाश की महागाथा लिखने वाले हे महापुरुष, आपके पापों से आज भी बिहार उबर नहीं पाया है. माफ कीजिए बिहार को अब. मत याद दिलवाइए उन स्याह दिनों को. आगे बढ़ने से मत रोकिए बिहार को. करना है तो प्रायश्चित कीजिए, अपने पापों की. महादेव आपका कल्याण करें.
बिहार से अब तक 5 लोगों को मिला है भारत रत्न
आपको बता दें कि अब तक बिहार के 5 विभूतियों को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है. इनमें डॉ. बिधान चंद्र रॉय को 1961 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया. देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को साल 1962 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया. देश में 'लोकनायक' के नाम से मशहूर स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण को 1998 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.
मशहूर शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खां का जन्म 21 मार्च 1916 को बिहार के डुमरांव के ठठेरी बाजार में हुआ था. उन्हें 2001 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया. इसके बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे जननायक कर्पूरी ठाकुर को मोदी सरकार ने साल 2024 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया.
ADVERTISEMENT


