Rohini Acharya: बिहार विधानसभा चुनाव में RJD की करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव के परिवार में मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है. बिना किसी का नाम लिए उन्होंने अपने ही परिवार के सदस्यों पर 'विरासत' को नष्ट करने का गंभीर आरोप लगाया है. लेकिन उनके शब्दों का निशाना सीधे तौर पर उनके भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर माना जा रहा है.
ADVERTISEMENT
रोहिणी ने लिखा कि किसी बड़ी विरासत को खत्म करने के लिए बाहरी लोगों की जरूरत नहीं होती. अपने ही लोग काफी होते हैं.
रोहिणी का पोस्ट देखिए
उन्होंने अपने X पोस्ट में लिखा कि बड़ी मेहनत से खड़ी की गई विरासत को नुकसान पहुंचाने के लिए 'नए बने अपने ही' काफी होते हैं. उन्होंने कहा कि जब विवेक कमजोर पड़ जाता है और अहंकार हावी हो जाता है, तब व्यक्ति के फैसलों पर विनाशकारी सोच हावी हो जाती है.
रोहिणी ने आगे तंज करते हुए कहा कि जब समझ पर पर्दा पड़ जाता है और घमंड सिर चढ़ जाता है, तब इंसान सही और गलत में फर्क करना भूल जाता है.
चुनावी हार के बाद बढ़ा था विवाद
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी को करारी हार मिली थी. पार्टी ने 140 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ा था. लेकिन केवल 25 सीटें जीत सकी. वहीं एनडीए ने बड़ी जीत दर्ज की. बीजेपी को 89 और जेडीयू को 85 सीटें मिलीं. कुल मिलाकर एनडीए ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 200 से ज्यादा सीटों का आंकड़ा पार कर लिया.
आरजेडी के सहयोगी दलों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा. कांग्रेस सिर्फ 6 सीटों पर सिमट गई. वाम दलों का असर जीरो रहा. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी.
परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान
चुनाव नतीजों के एक दिन बाद रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने और लालू परिवार से अलग होने की घोषणा कर दी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव में हार पर सवाल उठाने के बाद उन्हें तेजस्वी यादव और आरजेडी सांसद संजय यादव ने अपमानित किया.
रोहिणी का दावा है कि उनके साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें चप्पल से मारने की धमकी तक दी गई. उन्होंने कहा था कि उन्हें रोते हुए माता-पिता और परिवार को छोड़कर घर से जाने पर मजबूर किया गया. उन्होंने लिखा था कि उनकी पहचान छीन ली गई और उन्हें अकेला कर दिया गया.
किडनी दान पर भी उठाए गए सवाल
रोहिणी ने यह भी आरोप लगाया था कि उनके पिता लालू यादव को किडनी दान देने को लेकर उनका मजाक उड़ाया गया. उन पर आरोप लगाए गए कि उन्होंने टिकट के लालच में 'गंदी किडनी' दी और इसके बदले करोड़ों रुपये लिए. रोहिणी ने कहा कि उन्हें गालियां दी गईं और चप्पल से मारने की धमकी तक दी गई, जिसके बाद उन्होंने परिवार से नाता तोड़ने और राजनीति छोड़ने का फैसला किया है.
ADVERTISEMENT

