Khan Sir vs Roshan Anand: पटना में खान सर कोचिंग विवाद में फंसे ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद को काेर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है. पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद से उनकी सुनवाई लगातार टल रही थी, लेकिन सोमवार को अदालत ने उनकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया. जेल से बाहर आने के बाद रौशन आनंद सीधे सहरसा के लिए रवाना होंगे, जहां वे अपने छोटे भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे. इस बीच अब उनके वकील रमाकांत शर्मा ने मीडिया से बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने बताया कि कोर्ट रूम के अंदर क्या हुआ और कैसे रौशन आनंद को जमानत मिली.
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कोर्ट ने दी नसीहत: 'शिक्षक हो, क्रिमिनल एटीट्यूड मत रखो'
रौशन आनंद के वकील ने कोर्ट परिसर में मीडिया से बात करते हुए बताया कि रौशन आनंद पर सिर्फ साजिश रचने का आरोप था, वे घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे. पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं. सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों (खान सर की खान ग्लोबल स्टडीज और रौशन आनंद की ज्ञान बिंदु) को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि "आप दोनों शिक्षक हैं, बच्चों को पढ़ाते हैं. इसलिए आपस में हेल्दी कंपटीशन करें. क्रिमिनल एटीट्यूड रखने या इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की कोई जरूरत नहीं है."
खान सर को पहले ही मिल चुकी है अग्रिम जमानत
आपको बता दें कि इस विवाद में पटना के खान सर का नाम भी सामने आया था और उन पर भी एफआईआर दर्ज की गई थी. हालांकि, खान सर को कोर्ट से पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी थी, जिसके कारण उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई थी. अब रौशन आनंद को भी नियमित जमानत मिल गई है.
भाई की मौत का सस्पेंस: नेपाल के होटल में मिली थी लाश
रौशन आनंद के परिवार पर इस वक्त दुखों का पहाड़ टूटा हुआ है. उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. मौत की खबर सुनते ही पूरा परिवार गहरे सदमे में है. परिजनों का आरोप है कि प्रिंस की मौत सामान्य नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई गहरी साजिश हो सकती है. परिवार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. रौशन आनंद की रिहाई के बाद परिवार को इस मुश्किल वक्त में बड़ा संबल मिलेगा.
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