अमेरिका के कुख्यात अपराधी जेफ्री एपस्टीन की कहानी तो आपने सुनी होगी, जिसने अपने रसूख के दम पर मासूम लड़कियों की जिंदगी तबाह कर दी थी. बिहार के सहरसा जिले से एक ऐसा ही दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसे 'बिहार का एपस्टीन केस' कहा जा सकता है. यहां एक ईंट भट्ठा मालिक ओवेश करनी उर्फ चुन्ना मुखिया पर असम से आए मजदूर परिवारों की नाबालिग बच्चियों के साथ दरिंदगी और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं. पुलिस ने छापेमारी कर सात नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया है और मुख्य आरोपी चुन्ना मुखिया को गिरफ्तार कर लिया है.
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मजदूरी के नाम पर बुलाकर शुरू किया जुल्म का खेल
असम के करीब 100 गरीब परिवार रोजी-रोटी की तलाश में सहरसा आए थे. इन मजदूरों का सपना था कि ईंटें बनाकर वे अपने परिवार का पेट पाल सकेंगे. शुरुआत के कुछ महीने सब ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे भट्ठा मालिक चुन्ना मुखिया का असली चेहरा सामने आने लगा. मजदूरों का आरोप है कि उनसे दिन में 15-15 घंटे काम कराया जाता था और रात के वक्त उनकी नाबालिग बेटियों (जिनकी उम्र 8 से 15 साल के बीच है) को जबरन मालिक के कमरे में भेजा जाता था.
आधी रात को केबिन में बच्चियों से 'डांस' और बैड टच
पीड़ित परिवारों ने बताया कि चुन्ना मुखिया रात के 12 बजे बच्चियों को अपने केबिन में बुलाता था और वे लड़कियां सुबह 3 बजे वापस अपनी झोपड़ियों में लौटती थीं. परिजनों का आरोप है कि भट्ठा मालिक नशे की हालत में उनसे जबरन डांस करवाता था और उनके साथ 'बैड टच' (गलत हरकतें) करता था. एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें आरोपी हाथ में सिगरेट लिए एक नाबालिग लड़की को नाचने का इशारा कर रहा है.
विरोध करने पर करंट के झटके और जेसीबी से टांगने की धमकी
मजदूरों ने बताया कि अगर कोई अपनी पत्नी या बेटी को भेजने से मना करता था, तो चुन्ना मुखिया उन्हें हथियार के बल पर डराता था. मजदूरों का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें जेसीबी से बांधकर लटकाने और करंट के झटके देने की धमकियां दी जाती थीं. पीड़ित मजदूरों के अनुसार, एक बुजुर्ग व्यक्ति को बांधकर करंट भी लगाया गया था. आरोपी अक्सर कहता था कि उसने पुलिस और अधिकारियों को अपनी जेब में रखा है, इसलिए उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.
जब मां ने बेटी को बचाने की कोशिश की, तो मार दी गोली
दरिंदगी की इंतहा तब हो गई जब शनिवार की रात करीब 2 बजे चुन्ना मुखिया एक नाबालिग लड़की को जबरन ले जाने लगा. जब लड़की की मां ने इसका कड़ा विरोध किया और अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने आव देखा न ताव और महिला की जांघ पर गोली मार दी. जख्मी महिला का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है. इस घटना के बाद मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा और मामला पुलिस तक पहुंचा.
7 लड़कियां रेस्क्यू, आरोपी मुखिया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहरसा पुलिस ने एसआईटी (SIT) का गठन किया और डॉग स्क्वायड के साथ ईंट भट्ठे पर छापेमारी की. पुलिस ने वहां से 7 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित निकाला है. मुख्य आरोपी ओवैस करनी उर्फ चुन्ना मुखिया और उसके मुंशी अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है. डीएसपी ओम प्रकाश ने बताया कि आरोपी चुन्ना मुखिया का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले से ही 33 मामले दर्ज हैं. फिलहाल पुलिस पॉक्सो एक्ट और अन्य संगीन धाराओं के तहत मामले की जांच कर रही है.
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