समस्तीपुर में लड़की से बदसलूकी मामले में गिरफ्तार 4 आरोपियों ने दी सफाई, कैमरे पर कही ये बातें!

जहांगीर आलम

• 05:47 PM • 24 Sep 2026

Samastipur Viral Video News: बिहार के समस्तीपुर में नाबालिग लड़की से बदसलूकी और छेड़छाड़ के वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों ने कैमरे के सामने अपनी सफाई देते हुए दावा किया कि उन्होंने केवल रास्ते में मिले लड़कों और लड़की से नाम-पता पूछा था और कोई गलत काम नहीं किया. जानिए पूरी बात.

Samastipur News Update
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बिहार के जमुई की घटना के बाद अब समस्तीपुर जिले से एक नाबालिग लड़की के साथ सरेआम बदसलूकी और छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. यह वायरल वीडियो 15 सितंबर का बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन एक्शन शुरू किया गया. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो अब पुलिस की गिरफ्त में हैं. अब इन आरोपियों का कबूलनामा भी सामने आया है, जिसमें इनलोगों ने अजीबोगरीब तर्क दिए है.

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कैमरे के सामने आरोपियों का कबूलनामा

पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद गिरफ्तार आरोपियों ने कैमरे के सामने अपनी सफाई और कबूलनामा पेश किया है. आरोपियों का दावा है कि दो लड़के और एक लड़की उधर से आ रहे थे और जंगल-झाड़ी की तरफ से निकल रहे थे. आरोपियों का कहना है कि वे अपने खेत की तरफ जा रहे थे और चालू रोड पर झाड़ी से निकलते देख उन्होंने नाम-पत्ता पूछा था. उनका यह भी तर्क है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया था, लेकिन उसी दौरान वहां 15-20 लोग जुट गए और किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. आरोपियों का कहना है कि अनजान क्षेत्र में अगर कोई नया व्यक्ति आए तो लोग पूछताछ करते ही हैं.

लगातार विरोध कर रही थी पीड़िता

सामने आए वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि इन्हीं युवकों द्वारा नाबालिग लड़की के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था. इस पूरी हरकत के दौरान पीड़ित लड़की लगातार इस कृत्य का विरोध करती नजर आ रही है, लेकिन इसके बावजूद ये सभी युवक अपनी हरकतों से बाज नहीं आए. घटना के वक्त किसी शख्स ने इसका वीडियो बना लिया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद ये चेहरे बेनकाब हुए.

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना अति संवेदनशील थी और उस वक्त तक पीड़िता की पहचान सामने नहीं आई थी. ऐसे में इन्वेस्टिगेशन शुरू करने के लिए कर्पूरीग्राम थाने के एक पुलिस पदाधिकारी के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एफआईआर जांच का पहला चरण होती है, न कि उसका निष्कर्ष. जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक विकास कुमार का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है, जो शराब के मामले में जेल जा चुका है. पुलिस अन्य आरोपियों और उनके परिजनों के रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से सुनिश्चित की जा रही है.

जमुई के बाद अब समस्तीपुर में नाबालिग से बदसलूकी, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल