बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अपराध के आंकड़ों को लेकर दिए गए हालिया बयान के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और बहस का दौर तेज हो गया है. विपक्षी दल जहां इस बयान को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं सत्ताधारी गठबंधन के सहयोगी दल बचाव में उतर आए हैं. इसी क्रम में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने कटिहार में पत्रकारों से बात करते हुए सम्राट चौधरी के बयान का पुरजोर समर्थन किया और बिहार में अपराध की वास्तविक स्थिति को विस्तार से समझाया है.
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'ऑर्गेनाइज्ड क्राइम और इंडिविजुअल क्राइम में अंतर समझना जरूरी'
संजय झा ने सम्राट चौधरी के बयान की व्याख्या करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के बयान का मूल संदर्भ 'संगठित अपराध' (Organised Crime) से था. उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में अब पहले जैसी स्थिति बिल्कुल नहीं है जहां कोई बड़ा आपराधिक गिरोह या 'गैंग' एकजुट होकर वसूली, रंगदारी या हत्याओं को खुलेआम अंजाम देता था. उन्होंने कहा, एक दौर था जब बिहार में अपराधियों के अलग-अलग नामी गैंग हुआ करते थे और उन गैंग्स के सरगना (माफिया) खुद को नेता के रूप में स्थापित कर लेते थे. लेकिन नीतीश कुमार और एनडीए सरकार के नेतृत्व में ऐसे तमाम सिंडिकेट, रंगदारी गिरोहों और संगठित अपराधियों को पूरी तरह डेमोलिश (ध्वस्त) किया और उन्हें जेल के पीछे पहुंचाया. आज बिहार में कोई भी अपराधी यह दुस्साहस नहीं कर सकता कि वह संगठित गिरोह बनाकर पुलिस-प्रशासन या आम जनता को चुनौती दे सके.
छिटपुट वारदातों और त्वरित पुलिस कार्रवाई पर पक्ष
संजय झा ने यह स्वीकार किया कि किसी भी राज्य या समाज में व्यक्तिगत विवादों से जुड़े अपराधों को पूरी तरह शून्य नहीं किया जा सकता. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार भाइयों के बीच जमीन-जायदाद का झगड़ा हो जाता है, सनक या आपसी रंजिश में कोई घटना घट जाती है, यह एक व्यक्तिगत और तात्कालिक अपराध है, जो दुनिया के किसी भी कोने में हो सकता है. लेकिन अंतर यह है कि सम्राट सरकार में ऐसे किसी भी अपराधी को 'राजनीतिक संरक्षण' (Political Protection) नहीं मिलता है. अपराध करने के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस प्रशासन त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई करता है.
कटिहार में मैराथन और संवाद कार्यक्रम
आपको बता दें कि जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा फरक्का जलसंधि और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर कटिहार पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने स्थानीय युवाओं और युवतियों के साथ मैराथन दौड़ में भी हिस्सा लिया तथा संवाद कायम किया. इसी दौरान मीडियाकर्मियों से रूबरू होते हुए उन्होंने बिहार की छवि, लॉ एंड ऑर्डर और सम्राट चौधरी के वक्तव्य पर बिंदुवार सरकार का रुख स्पष्ट किया.
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