पीएम मोदी के पेट्रोल-डीजल बचाने सहित 7 बड़ी अपील के बाद देश भर से अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही है. बीजेपी शासित राज्यों ने प्रधानमंत्री के अपील के बाद कई कदम उठाने शुरू कर दिए है. इसी बीच राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा EV गाड़ी से चलते दिखे तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुलेट गाड़ी से विधानसभा पहुंचे. इसी बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे अपने लाव-लश्कर और गाड़ियों के काफिले को छोड़कर पैदल ही सड़क पर चलते नजर आ रहे हैं.
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सम्राट चौधरी अपने आधिकारिक आवास (लोक सेवक आवास) से निकलकर पैदल ही मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचे. इस दौरान उनके साथ कुछ सुरक्षाकर्मी और अधिकारी भी पैदल चलते दिखाई दिए. मुख्यमंत्री का यह अंदाज न सिर्फ चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि इसके जरिए उन्होंने प्रदेश और देश की जनता को एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की है.
प्रधानमंत्री मोदी की अपील का असर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पैदल सचिवालय जाने का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई एक विशेष अपील का हिस्सा है. दरअसल, वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और युद्ध की स्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री ने देश की जनता से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने का आग्रह किया है. प्रधानमंत्री की इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए सम्राट चौधरी ने प्रतीकात्मक रूप से यह कदम उठाया है ताकि आम जनता के बीच ईंधन बचाने का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंच सके.
तेल संकट और वैश्विक चुनौतियों का हवाला
दुनिया के कई हिस्सों में, विशेषकर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों से होने वाली तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है. ऐसे में ईंधन की बढ़ती कीमतों और संभावित संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे मेट्रो का उपयोग करने और अनावश्यक रूप से गाड़ी का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है. सम्राट चौधरी ने इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए दिखाया कि अगर छोटे-छोटे प्रयासों से ईंधन की बचत की जाए, तो भारत किसी भी बड़े संकट से मजबूती से लड़ सकता है.
महज 50 मीटर की दूरी के लिए छोड़ा काफिला
आमतौर पर मुख्यमंत्री जैसे वीवीआईपी (VVIP) पदों पर बैठे लोग सुरक्षा और प्रोटोकॉल के कारण बहुत कम दूरी के लिए भी गाड़ियों के काफिले का उपयोग करते हैं. बताया जाता है कि मुख्यमंत्री आवास से सचिवालय की दूरी मात्र 50 मीटर के आसपास है. पहले सम्राट चौधरी इस दूरी को भी अपने पूरे काफिले के साथ तय करते थे, लेकिन अब उन्होंने इसे पैदल तय करने का निर्णय लिया है. उनका मानना है कि जब नेता खुद पहल करेंगे, तभी इसका प्रभाव आम जनता पर पड़ेगा और लोग ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक होंगे.
बड़े नेताओं ने भी अपनाई सादगी
ईंधन बचाने और सादगी अपनाने की इस मुहिम में केवल सम्राट चौधरी ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य दिग्गज नेता भी शामिल हो रहे हैं. गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी प्रधानमंत्री की अपील के बाद अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने काफिले को छोटा किया है. सम्राट चौधरी के इस कदम को इसी कड़ी का एक हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य बिहार की जनता को जागरूक करना और संसाधनों के सही उपयोग के प्रति प्रेरित करना है.
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