बिहार की सियासत में जेडीयू के भीतर चल रही खींचतान और नेताओं के बीच कथित मतभेद की चर्चाओं के बीच संजय झा का एक बड़ा बयान सामने आया है. मुंगेर के नगर भवन में आयोजित नीतीश संवाद कार्यक्रम के दौरान जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने मंच से केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की जमकर तारीफ की. उन्होंने ललन सिंह को अपना नेता बताते हुए साफ किया कि फरक्का जलसंधि के मुद्दे पर उनकी भावना भी पार्टी के साथ है.
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अनंत सिंह और नीरज कुमार प्रकरण के बाद बढ़ी थीं चर्चाएं
दरअसल, हाल ही में हुए बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह और जेडीयू नेता नीरज कुमार के बीच सियासी टकराव देखने को मिला था. इस पूरे प्रकरण को लेकर ललन सिंह और संजय झा के बीच मतभेद की खबरें भी सामने आई थीं. राजनीतिक गलियारों में चर्चा होने लगी थी कि क्या जेडीयू के इन दोनों बड़े नेताओं के बीच सबकुछ ठीक नहीं है. अब मुंगेर में संजय झा के बयान को इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
ललन सिंह कार्यक्रम में क्यों नहीं हुए शामिल?
संजय झा ने अपने संबोधन में बताया कि ललन सिंह केंद्र सरकार में मंत्री हैं और फरक्का जलसंधि का मुद्दा सीधे केंद्र सरकार से जुड़ा है. जेडीयू इस मामले में केंद्र सरकार से ही पहल करने की मांग कर रही है. ऐसे में केंद्र की कैबिनेट में मंत्री होने के कारण ललन सिंह का कार्यक्रम में सीधे शामिल होना उचित नहीं होता. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर ललन सिंह लगातार पार्टी के संपर्क में हैं और बिहार के लोगों की परेशानी को समझते हैं.
लखीसराय और मुंगेर के कार्यक्रम की लेते रहे जानकारी
संजय झा ने बताया कि ललन सिंह ने लखीसराय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी उनसे फोन पर बातचीत की थी. जब वह मुंगेर के लिए रवाना हो रहे थे, तब भी ललन सिंह ने फोन कर कार्यक्रम की जानकारी ली. संजय झा ने कहा कि ललन सिंह खुद भी जल संसाधन विभाग में मंत्री रह चुके हैं और इस समस्या से अच्छी तरह परिचित हैं. उन्होंने दोनों कार्यक्रमों की सफलता के लिए ललन सिंह का आभार भी जताया.
एमएलसी चुनाव के नतीजों पर 5 तारीख को होगी बैठक
मुंगेर में संजय झा ने एमएलसी चुनाव के नतीजों और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी. निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज के बीजेपी में जाने के सवाल पर उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने 5 तारीख को पार्टी की बैठक बुलाई है. इस बैठक में विधान परिषद चुनाव के नतीजों और पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी. बता दें कि इस सीट पर जेडीयू के आनंद पुष्कर चुनाव मैदान में थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
फरक्का जलसंधि पर केंद्र से पहल की मांग
मुंगेर के नगर भवन में आयोजित नीतीश संवाद कार्यक्रम का मुख्य मुद्दा भारत-बांग्लादेश फरक्का जलसंधि रहा. संजय झा और जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने लोगों को 1996 में हुई भारत-बांग्लादेश जलसंधि के बिहार पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बताया. जेडीयू नेताओं का कहना है कि गंगा में गाद जमा होने के कारण बिहार में बाढ़ और कटाव की समस्या बढ़ रही है. पार्टी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से ठोस पहल करने की मांग कर रही है.
एक बयान से कई राजनीतिक संदेश देने की कोशिश
संजय झा के मुंगेर दौरे और उनके संबोधन को जेडीयू की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है. एक तरफ उन्होंने ललन सिंह के साथ एकजुटता का संदेश दिया, दूसरी तरफ एमएलसी चुनाव के प्रदर्शन पर पार्टी की बैठक की जानकारी दी. वहीं फरक्का जलसंधि के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग दोहराई. ऐसे में सवाल यही है कि क्या संजय झा के इस बयान से जेडीयू के भीतर मतभेद की चर्चाओं पर पूरी तरह विराम लग पाएगा?
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