नीतीश कुमार को लेकर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की टिप्पणी पर जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार को अपने राजनीतिक फैसलों के लिए किसी दूसरे नेता या दल के नियंत्रण की जरूरत नहीं रही है. उन्होंने यहां तक कहा कि धरती पर अब तक कोई ऐसा व्यक्ति नहीं आया, जो नीतीश कुमार को नियंत्रित कर सके. संजय झा की यह टिप्पणी उस चर्चा के बीच सामने आई है, जिसमें नीतीश कुमार के INDIA ब्लॉक से अलग होने के फैसले को लेकर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए गए हैं. झा ने कांग्रेस नेताओं के उन बयानों को खारिज किया, जिनमें नीतीश कुमार के फैसलों को किसी दूसरे राजनीतिक दल के प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है.
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अपने दम पर राजनीति करते रहे नीतीश- संजय झा
जेडीयू नेता ने कहा कि नीतीश कुमार की राजनीति लंबे समय से अपने राजनीतिक फैसलों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर आधारित रही है. उनके मुताबिक, नीतीश कुमार ने कभी भी अपने राजनीतिक निर्णय किसी दूसरे दल के दबाव या नियंत्रण में लेकर नहीं किए. संजय झा ने कांग्रेस की ओर से नीतीश कुमार को लेकर दिए जा रहे बयानों को इसी संदर्भ में निराधार बताया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के राजनीतिक फैसलों को किसी अन्य दल के प्रभाव से जोड़ना सही नहीं है.
INDIA ब्लॉक के शुरुआती दौर का भी किया जिक्र
संजय झा ने INDIA ब्लॉक के गठन के शुरुआती दौर की घटनाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने दावा किया कि उस समय गठबंधन में शामिल कई नेता कांग्रेस को अलग रखते हुए एक अलग मोर्चा बनाने के पक्ष में थे. झा के मुताबिक, कुछ नेताओं ने खुद नीतीश कुमार से कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी में बैठक बुलाने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि उस दौर में नीतीश कुमार की अगुवाई में हुई बैठकों के वह प्रत्यक्ष गवाह रहे हैं.
संयोजक बनने की इच्छा को लेकर भी सफाई
नीतीश कुमार के INDIA ब्लॉक का संयोजक बनने की इच्छा को लेकर लगाए जाने वाले कयासों पर भी संजय झा ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की ऐसी कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं थी. संजय झा के मुताबिक, गठबंधन के कामकाज में कांग्रेस की भूमिका और उसके रवैये को लेकर नीतीश कुमार को निराशा हुई थी. इसके बाद उन्होंने गठबंधन से अलग होने का फैसला लिया.
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
संजय झा ने कांग्रेस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की प्राथमिकता में संगठन से जुड़े मुद्दे पहले आते हैं और गठबंधन की राजनीति को लेकर उसकी सोच अलग रही है. झा का कहना है कि जब नीतीश कुमार को लगा कि गठबंधन के भीतर राजनीतिक प्राथमिकताएं एक जैसी नहीं हैं, तब उन्होंने अलग रास्ता चुनने का फैसला किया. उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर अपनी राजनीतिक कमियों को छिपाने के लिए नीतीश कुमार को लेकर बयानबाजी करने का आरोप लगाया. इस तरह सोनिया गांधी की टिप्पणी के बाद संजय झा का बयान बिहार की राजनीति के साथ-साथ INDIA ब्लॉक में नीतीश कुमार की भूमिका और उनके अलग होने के फैसले को लेकर जारी राजनीतिक बहस को फिर चर्चा में ले आया है.
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